राकेश गौड़ (राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिल भारतीय सर्व ब्राह्मण महासभा)
मेरठ। अखिल भारतीय सर्व ब्राह्मण महासभा ने संसद भवन परिसर में कुछ विपक्षी सांसदों द्वारा भगवा वस्त्र धारण कर किए गए प्रदर्शन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे सनातन परंपराओं और हिंदू धार्मिक आस्थाओं के विरुद्ध बताया है। संगठन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस घटनाक्रम की निंदा की और दिल्ली पुलिस से मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
महासभा का कहना है कि संसद परिसर में राजीव रंजन सिंह उर्फ पप्पू यादव, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा फैजाबाद (अयोध्या) के सांसद अवधेश प्रसाद सहित कुछ विपक्षी नेताओं ने भगवा वस्त्र धारण कर प्रदर्शन किया। संगठन ने इस प्रदर्शन को राजनीतिक उद्देश्य से किया गया कदम बताते हुए कहा कि भगवा वस्त्रों का इस प्रकार उपयोग धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।
भगवा रंग को बताया सनातन परंपरा का प्रतीक
अखिल भारतीय सर्व ब्राह्मण महासभा ने अपने बयान में कहा कि भगवा रंग भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में त्याग, तप, आध्यात्मिकता और राष्ट्रसेवा का प्रतीक माना जाता है। संगठन का कहना है कि किसी राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान भगवा वस्त्रों का उपयोग करना उसकी गरिमा के अनुरूप नहीं है।
प्रेस विज्ञप्ति में संगठन ने आरोप लगाया कि इस प्रकार का प्रदर्शन हिंदू और सनातन मान्यताओं के साथ खिलवाड़ है तथा इससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
दिल्ली पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग
महासभा ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार का कानूनी उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि धार्मिक प्रतीकों के उपयोग को लेकर सभी राजनीतिक दलों को संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।
महासभा पदाधिकारियों ने जताया विरोध
अखिल भारतीय सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव अतुल दीक्षित तथा राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश गौड़ सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस घटनाक्रम पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए और धार्मिक प्रतीकों का सम्मान बनाए रखा जाना चाहिए।
संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक इस प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों पर संबंधित सांसदों या कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यदि इस मामले में संबंधित पक्ष का बयान जारी होता है, तो उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।