खुशी सिंघल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) की बीसीए छात्रा खुशी सिंघल ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता से विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है। कॉमनवेल्थ स्टूडेंट्स एसोसिएशन (सीएसए) के कैंपस एंबेसडर कार्यक्रम के तहत उन्हें 14वें सप्ताह में ‘कैंपस एंबेसडर ऑफ द वीक’ के रूप में चुना गया। खुशी विश्वविद्यालय की ओर से इस कार्यक्रम में कैंपस एंबेसडर के रूप में प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
इस उपलब्धि के बाद खुशी ने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला से मुलाकात की। कुलपति ने उनका स्वागत किया और उपलब्धि की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
चयन में नेतृत्व क्षमता और छात्र हितों के प्रति प्रतिबद्धता को मिला महत्व
कॉमनवेल्थ 56 सदस्य देशों को जोड़ने वाला अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो शिक्षा, युवा नेतृत्व और आपसी सहयोग को बढ़ावा देता है। सीएसए के कैंपस एंबेसडर कार्यक्रम के लिए वर्ष 2026-27 में मिले आवेदनों की चयन प्रक्रिया में विद्यार्थियों को संगठित करने के अनुभव, छात्र हितों के प्रति प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता को महत्व दिया गया। खुशी को मिली पहचान उनकी निरंतर सक्रियता और योगदान को रेखांकित करती है।
कुलपति ने विद्यार्थियों को मंचों से जोड़ने पर दिया जोर
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने खुशी की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने के अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने ऐसी सकारात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
उन्होंने विश्वविद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने तथा उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
कॉमनवेल्थ के कामकाज की जानकारी के बाद किया था आवेदन
गाजियाबाद निवासी खुशी सिंघल ने बताया कि शुरुआत में वह कॉमनवेल्थ को मुख्य रूप से खेलों से जुड़ा संगठन मानती थीं। बाद में इंटरनेट के माध्यम से जानकारी जुटाने पर उन्हें पता चला कि कॉमनवेल्थ शिक्षा, युवा नेतृत्व, छात्र हितों और जागरूकता जैसे विषयों पर भी काम करता है। भारतीय विद्यार्थियों की भागीदारी और विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में जानने के दौरान उन्हें सीएसए के कैंपस एंबेसडर कार्यक्रम की जानकारी मिली। आवेदन आमंत्रित होने पर उन्होंने भी इसके लिए आवेदन किया।
खुशी के अनुसार, चयन के बाद उन्होंने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए नियमित रूप से कार्य किया और अपनी गतिविधियों का पोर्टफोलियो तैयार किया। सीएसए की साप्ताहिक बैठकों में कैंपस एंबेसडरों के कार्यों और योगदान की समीक्षा की जाती है। करीब 14 सप्ताह तक सक्रिय भागीदारी के बाद ‘कैंपस एंबेसडर ऑफ द वीक’ के रूप में चुना जाना उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
सकारात्मक शैक्षणिक माहौल को दिया सफलता का श्रेय
खुशी ने अपनी उपलब्धि का श्रेय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन, विश्वविद्यालय से मिल रहे प्रोत्साहन और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति और बेहतर होती पहचान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
विश्वविद्यालय के लिए खुशी की यह उपलब्धि गौरव का विषय है। उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी पढ़ाई के साथ सामाजिक सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित कर सकती है।