कुलपति प्रो डॉ ॰ संगीता शुक्ला (चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ)
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अकादमिक, शोध और संस्थागत पहचान को और मजबूत करते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। India Today-MDRA Best Universities Ranking-2026 की Top General (Govt.) Universities श्रेणी में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने 15वां स्थान हासिल किया है। खास बात यह है कि विश्वविद्यालय ने पिछले पांच वर्षों में अपनी रैंकिंग में लगातार सुधार करते हुए कुल नौ पायदान की छलांग लगाई है।
इस उपलब्धि के साथ सीसीएसयू उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में दूसरे पायदान पर पहुंच गया है। विश्वविद्यालय की लगातार बेहतर होती रैंकिंग को शिक्षा, शोध, आधारभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और करियर से जुड़े प्रयासों की दिशा में किए जा रहे गुणवत्ता-आधारित कार्यों का परिणाम माना जा रहा है।
2022 में 24वीं रैंक से शुरू हुआ सफर, अब 15वें स्थान पर
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की India Today-MDRA रैंकिंग में लगातार प्रगति देखने को मिली है। वर्ष 2022 में विश्वविद्यालय को 24वीं रैंक प्राप्त हुई थी। इसके बाद 2023 में सीसीएसयू ने 22वीं रैंक हासिल की। वर्ष 2024 में विश्वविद्यालय 18वें स्थान पर पहुंचा, जबकि 2025 में 17वीं रैंक प्राप्त हुई।
अब वर्ष 2026 की रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने दो पायदान की और छलांग लगाते हुए 15वां स्थान हासिल किया है। इस तरह पांच वर्षों के दौरान सीसीएसयू ने 24वें स्थान से 15वें स्थान तक का सफर तय किया है।

सीसीएसयू की रैंकिंग का सफर
- 2022 — 24वीं रैंक
- 2023 — 22वीं रैंक
- 2024 — 18वीं रैंक
- 2025 — 17वीं रैंक
- 2026 — 15वीं रैंक
लगातार पांच वर्षों में रैंकिंग में सुधार विश्वविद्यालय की अकादमिक और शोध गतिविधियों में निरंतरता के साथ-साथ संस्थागत स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।
किन मानकों पर होता है विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन?
India Today-MDRA की Best Universities Ranking में विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन कई महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर किया जाता है। इसमें केवल संस्थागत आंकड़ों को ही आधार नहीं बनाया जाता, बल्कि विशेषज्ञों की राय को भी मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल किया जाता है।
रैंकिंग में मुख्य रूप से Reputation & Governance, Academic & Research Excellence, Infrastructure & Living Experience, Personality & Leadership Development तथा Career Progression & Placement जैसे प्रमुख मानकों को शामिल किया जाता है।
इस प्रक्रिया में संबंधित विश्वविद्यालयों की उपलब्धियों, संस्थागत प्रदर्शन, अकादमिक गुणवत्ता, शोध गतिविधियों, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और करियर से जुड़े अवसरों का व्यापक मूल्यांकन किया जाता है।
Reputation & Governance में सीसीएसयू का प्रदर्शन सबसे मजबूत
सीसीएसयू के प्रदर्शन पर नजर डालें तो Reputation & Governance विश्वविद्यालय का सबसे मजबूत स्कोरिंग क्षेत्र रहा है। इस श्रेणी में विश्वविद्यालय को 154.2 अंक प्राप्त हुए हैं।
इसके अलावा Infrastructure & Living Experience में विश्वविद्यालय ने 123.3 अंक हासिल किए, जबकि Personality & Leadership Development में 106.7 अंक प्राप्त हुए।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि विश्वविद्यालय ने संस्थागत प्रशासन, प्रतिष्ठा, विद्यार्थियों के लिए आधारभूत सुविधाओं तथा व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास से जुड़े क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया है।
अकादमिक और शोध उत्कृष्टता में भी हुआ सुधार
विश्वविद्यालय के लिए सबसे महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलुओं में से एक Academic & Research Excellence के स्कोर में हुई वृद्धि है। वर्ष 2025 में इस क्षेत्र में सीसीएसयू का स्कोर 134.7 अंक था, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 143 अंक हो गया।
अर्थात एक वर्ष के भीतर अकादमिक और शोध उत्कृष्टता के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के स्कोर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों, अकादमिक गुणवत्ता और शोध संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की ओर संकेत करता है।
विद्यार्थियों के करियर और प्लेसमेंट के क्षेत्र में भी बढ़ा स्कोर
विद्यार्थियों के भविष्य और रोजगार से जुड़े Career Progression & Placement क्षेत्र में भी सीसीएसयू ने बेहतर प्रदर्शन किया है। वर्ष 2025 में इस क्षेत्र में विश्वविद्यालय का स्कोर 100.8 अंक था, जो 2026 में बढ़कर 114.8 अंक हो गया।
यह सुधार विद्यार्थियों के करियर विकास, प्लेसमेंट और रोजगारपरक अवसरों को मजबूत करने की दिशा में विश्वविद्यालय की ओर से किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने उपलब्धि को बताया सामूहिक प्रयास का परिणाम
विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि रैंकिंग में लगातार सुधार विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति के मार्गदर्शन और प्रेरणा से विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल रैंकिंग में ऊपर पहुंचना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शोध अवसर और नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। शिक्षा और शोध की गुणवत्ता में सुधार को प्राथमिकता देते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
शोध संस्कृति को और मजबूत करने पर जोर
विश्वविद्यालय के निदेशक शोध प्रो. बीरपाल सिंह ने रैंकिंग में सुधार को विश्वविद्यालय की मजबूत होती शोध संस्कृति का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि शोध को केवल गुणवत्तापूर्ण प्रकाशनों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि इसे पेटेंट, नवाचार, शोध परियोजनाओं और समाजोपयोगी तकनीकी समाधानों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय का प्रयास शोध की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के साथ-साथ उसकी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करना है। शोधार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और शोध परिणामों को समाज तथा उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
गुणवत्ता आधारित प्रयासों का परिणाम है रैंकिंग में सुधार
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, 24वें स्थान से 15वें स्थान तक का सफर अचानक हासिल हुई उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह वर्षों से किए जा रहे लगातार गुणवत्ता-आधारित प्रयासों का परिणाम है।
विश्वविद्यालय में शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को मजबूत करने के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं के विकास, विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास तथा करियर और प्लेसमेंट के अवसरों को बेहतर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है।
इन सभी क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में भी दिखाई दे रहा है। विश्वविद्यालय की रैंकिंग में लगातार सुधार इस बात का संकेत है कि सीसीएसयू राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अकादमिक और शोध पहचान को लगातार मजबूत कर रहा है।
राष्ट्रीय पहचान मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव
India Today-MDRA Best Universities Ranking-2026 में 15वां स्थान हासिल करना चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पांच वर्षों में नौ पायदान की छलांग विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति को दर्शाती है।
सीसीएसयू का लक्ष्य अब केवल मौजूदा रैंकिंग को बनाए रखना नहीं, बल्कि शिक्षा, शोध, नवाचार, विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और करियर अवसरों के क्षेत्र में अपनी गुणवत्ता को और बेहतर करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान स्थापित करना है।
विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में लगातार बेहतर प्रदर्शन से क्षेत्र के उच्च शिक्षा संस्थानों की अकादमिक क्षमता और पहचान को भी मजबूती मिलती है।