सचिन सिरोही (अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन)
मेरठ, 30 जुलाई 2026। सावन माह और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन ने मेरठ के थाना परतापुर क्षेत्र में “पहचान उजागर अभियान” चलाने का दावा किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित कुछ होटलों, भोजनालयों एवं दुकानों का निरीक्षण किया और आरोप लगाया कि कुछ प्रतिष्ठान अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर दूसरे नामों से व्यवसाय संचालित कर रहे हैं।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कहा कि अभियान के दौरान शुरुआत में ही “दीपक” नाम से संचालित एक भोजनालय मिला, जिसका वास्तविक संचालक (प्रोपराइटर) मुर्तजा नाम का व्यक्ति बताया गया। संगठन का आरोप है कि उक्त प्रतिष्ठान कई वर्षों से हिंदू नाम का उपयोग कर होटल संचालित कर रहा है, जिससे ग्राहक वास्तविक संचालक की पहचान से अनभिज्ञ रहते हैं।
संगठन का कहना है कि सावन के पवित्र माह में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले करोड़ों कांवड़िए मेरठ-हरिद्वार मार्ग से होकर गुजरते हैं और रास्ते में भोजन, चाय, फल तथा अन्य खाद्य सामग्री का सेवन करते हैं। संगठन के अनुसार, इस मार्ग पर बड़ी संख्या में ऐसे भोजनालय, चाय की दुकानें और फल विक्रेता हैं, जिनकी पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
सचिन सिरोही ने कहा कि यदि कोई भी व्यापारी पूरी तरह वैध तरीके से व्यवसाय कर रहा है तो उसे अपनी वास्तविक पहचान के साथ कारोबार करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के बीच पारदर्शिता सुनिश्चित करना है ताकि उपभोक्ता यह जान सकें कि जिस प्रतिष्ठान से वे भोजन या अन्य सामग्री खरीद रहे हैं, उसका वास्तविक संचालक कौन है।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन को आशंका है कि यदि पहचान स्पष्ट नहीं होगी तो भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस संदर्भ में उन्होंने मेरठ में पूर्व में सामने आए नौशाद प्रकरण का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना आवश्यक है। उनका कहना था कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार से भोजन दूषित होने या श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना नहीं होनी चाहिए।
संगठन के अनुसार, यह अभियान पुलिस एवं प्रशासन को अवगत कराते हुए कांवड़ यात्रियों के हित में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी मेरठ-हरिद्वार कांवड़ मार्ग पर इसी प्रकार का अभियान जारी रहेगा और जहां भी पहचान छिपाकर व्यवसाय संचालित किए जाने का मामला सामने आएगा, उसे संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा।