वेतन कटौती को लेकर संविदा कर्मियों का प्रदर्शन
मेरठ। बिजली विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अधीक्षण अभियंता (एसई) कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। निविदा संविदा कर्मचारी सेवा समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में पहुंचे कर्मचारियों ने कंपनी और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से उनका आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है तथा उनकी समस्याओं के समाधान की बजाय उन पर लगातार अतिरिक्त कार्यभार थोपा जा रहा है।
धरने का नेतृत्व कर रहे निविदा संविदा कर्मचारी सेवा समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि हाल के दिनों में कंपनी द्वारा संविदा कर्मचारियों का कार्यक्षेत्र बढ़ा दिया गया है। वहीं, बिजलीघरों पर कर्मचारियों की संख्या कम कर दी गई है, जिससे मौजूद कर्मचारियों पर काम का दबाव कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कम स्टाफ के कारण बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को अधिक समय तक काम करना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
वेतन कटौती और बकाया भुगतान को लेकर नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले से ही बेहद कम वेतन दिया जा रहा है। आईटीआई उत्तीर्ण संविदा कर्मचारियों को मात्र 14 हजार रुपये प्रतिमाह तथा बिना आईटीआई वाले कर्मचारियों को 11 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। इसके बावजूद कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से वेतन में कटौती की जा रही है।
कर्मचारियों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से 13 कर्मचारियों का वेतन पूरी तरह रोक दिया गया है, जिससे उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के बिजलीघरों में कार्यरत 456 संविदा कर्मचारियों में से 36 से अधिक कर्मचारियों के वेतन में भी कटौती की गई है।
फेशियल अटेंडेंस सिस्टम पर उठाए सवाल
संविदा कर्मचारियों ने फेशियल अटेंडेंस मशीन के माध्यम से की जा रही वेतन कटौती पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई बार तकनीकी कारणों या अन्य समस्याओं के बावजूद वेतन काट लिया जाता है, जबकि संबंधित एसडीओ की संस्तुति के बाद ही ऐसी कार्रवाई की जाती है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में कई बार पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।
समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
धरने के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बकाया वेतन का भुगतान, वेतन कटौती पर रोक तथा कार्य व्यवस्था में सुधार को लेकर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार अनदेखी और शोषण के कारण उन्हें मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
धरना प्रदर्शन के बाद अधीक्षण अभियंता ने कर्मचारी नेताओं से वार्ता की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। हालांकि कर्मचारियों ने कहा कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आगामी दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।