सकोती टांडा में दिल्ली हरिद्वार एक्सप्रेस के ठहराव के बाद हरी झंडी दिखाकर अपने गंतव्य को रवाना करते पंडित सुनील भराला
सकोती टांडा, 11 सितंबर 2026। सकोती टांडा और आसपास के क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही ट्रेन ठहराव की मांग आखिरकार पूरी हो गई। रेलवे मंत्रालय की स्वीकृति के बाद 14303/14304 दिल्ली–हरिद्वार–दिल्ली एक्सप्रेस का ठहराव सकोती टांडा रेलवे स्टेशन पर शुरू कर दिया गया है। उत्तर रेलवे की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह ठहराव 11 सितंबर 2026 से प्रायोगिक आधार पर प्रभावी किया गया है।
वर्षों से उठ रही थी ट्रेन ठहराव की मांग
सकोती टांडा क्षेत्र के लोगों के लिए दिल्ली और हरिद्वार की सीधी रेल सुविधा लंबे समय से प्रमुख मांग रही है। क्षेत्रवासियों का कहना था कि महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नहीं होने के कारण विद्यार्थियों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों, श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ता था।
क्षेत्रीय लोगों की इस मांग को लेकर पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला ने रेल मंत्री के समक्ष लगातार मुद्दा उठाया। उन्होंने सकोती टांडा स्टेशन पर ट्रेन ठहराव की आवश्यकता को लेकर रेल मंत्रालय और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क किया और इस सुविधा को स्वीकृत कराने के लिए प्रयास जारी रखे। लंबे प्रयासों के बाद रेलवे की ओर से दिल्ली–हरिद्वार एक्सप्रेस को सकोती टांडा स्टेशन पर प्रायोगिक आधार पर ठहराव की मंजूरी प्रदान की गई।
संतों की मौजूदगी में ट्रेन को दिखाई गई हरी झंडी
ट्रेन ठहराव शुरू होने के अवसर पर सकोती टांडा रेलवे स्टेशन पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नांगली तीर्थ के महामंडलेश्वर पूज्य शिव प्रेमानंद जी, जो राष्ट्रीय परशुराम परिषद के मार्गदर्शक मंडल से भी जुड़े हैं, विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पंडित सुनील भराला और पूज्य शिव प्रेमानंद जी ने संयुक्त रूप से दिल्ली–हरिद्वार एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर सकोती टांडा स्टेशन से रवाना किया। ट्रेन के ठहराव की शुरुआत को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह देखा गया और क्षेत्रवासियों ने इसे लंबे समय से चली आ रही मांग की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
जनसेवा और आस्था से जोड़ा गया प्रसंग
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आस्था और जनसेवा से जुड़ा एक प्रसंग भी चर्चा में रहा। फिल्म ‘हनुमान अंश’ में बाबा नीम करौली महाराज से जुड़े ट्रेन रोकने के प्रसंग का स्मरण करते हुए लोगों ने कहा कि जनकल्याण की भावना के साथ क्षेत्र की जनता के हित में लगातार प्रयास किए गए।
स्थानीय लोगों ने इस अवसर को भगवान परशुराम जी के आशीर्वाद और संतों के मार्गदर्शन से जुड़ा बताते हुए कहा कि पंडित सुनील भराला के प्रयासों से सकोती टांडा को यह महत्वपूर्ण रेल सुविधा मिली है।
‘यह किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, जनता की मांग की सफलता’
पंडित सुनील भराला ने कहा कि सकोती टांडा में ट्रेन का ठहराव किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं है, बल्कि क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी मांग और सामूहिक प्रयासों की सफलता है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं और आवश्यकताओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाना तथा उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करना उनकी प्राथमिकता रही है।
उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम जी के आशीर्वाद और संतों के मार्गदर्शन में जनहित से जुड़े कार्य आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने ट्रेन ठहराव को क्षेत्र के विकास और जनसुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
जानिए दिल्ली और हरिद्वार से आने-जाने वाली ट्रेन का समय
रेलवे द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार 14303 दिल्ली–हरिद्वार एक्सप्रेस सकोती टांडा स्टेशन पर शाम 7:46 बजे पहुंचेगी और 7:47 बजे प्रस्थान करेगी।
इसी प्रकार 14304 हरिद्वार–दिल्ली एक्सप्रेस सकोती टांडा स्टेशन पर दोपहर 12:15 बजे पहुंचेगी और 12:16 बजे प्रस्थान करेगी। यह ठहराव व्यवस्था 11 सितंबर 2026 से प्रभावी की गई है।
विद्यार्थियों और व्यापारियों समेत हजारों यात्रियों को लाभ की उम्मीद
सकोती टांडा स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव से सकोती टांडा, सकोती क्षेत्र और आसपास के गांवों के यात्रियों को दिल्ली, हरिद्वार तथा मार्ग में आने वाले प्रमुख शहरों तक आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
विशेष रूप से विद्यार्थियों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों, श्रद्धालुओं और रोजाना अथवा नियमित रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिल सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रेन का ठहराव क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर करने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी सुविधा प्रदान करेगा।
क्षेत्रवासियों ने पंडित सुनील भराला का जताया आभार
ट्रेन ठहराव शुरू होने पर क्षेत्र के लोगों ने पंडित सुनील भराला का आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि सकोती टांडा में ट्रेन ठहराव की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। इस मांग को रेल मंत्रालय और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष लगातार उठाए जाने और उसके समाधान के लिए प्रयास किए जाने के बाद अब क्षेत्र को यह सुविधा मिल सकी है।
लोगों ने उम्मीद जताई कि ट्रेन के ठहराव से क्षेत्र के यात्रियों को दिल्ली और हरिद्वार की यात्रा के लिए अतिरिक्त सुविधा मिलेगी तथा स्टेशन से जुड़े आसपास के गांवों के लोगों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ होगा।
पांच महीने में होगी ठहराव की समीक्षा
उल्लेखनीय है कि उत्तर रेलवे के आदेश के अनुसार दिल्ली–हरिद्वार एक्सप्रेस के सकोती टांडा और रोहाना कलां में अतिरिक्त ठहराव को प्रायोगिक आधार पर मंजूरी दी गई है। रेलवे ने इन ठहरावों की समीक्षा के लिए टिकट बिक्री पर नजर रखने और पांच महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।
पंडित सुनील भराला ने कहा कि जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ उठाना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सकोती टांडा में ट्रेन ठहराव क्षेत्र की जनता के लिए जनसुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भविष्य में भी क्षेत्र से जुड़े जनहित के मुद्दों को संबंधित स्तर पर उठाकर उनके समाधान के लिए प्रयास जारी रहेंगे।