सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते कलानिधि नैथानी (डी आई जी मेरठ)
मेरठ। श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) श्री कलानिधि नैथानी ने शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश पांडे तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेगमपुल एवं आसपास के कांवड़ मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पुलिस बल की तैनाती तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का गहन निरीक्षण किया गया।
डीआईजी ने मौके पर मौजूद सुपर जोनल अधिकारियों, जोनल अधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों तथा विभिन्न सुरक्षा इकाइयों के अधिकारियों के साथ बैठक कर कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी चार दिनों तक प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी पूरी सतर्कता, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करे, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।
सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बैठक
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने RRTS मेट्रो, ATS (आतंकवाद निरोधक दस्ता), RRF, SSF तथा एंटी सबोटाज चेक टीम के प्रभारियों के साथ समन्वय बैठक की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील स्थलों की निगरानी, आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई तथा पुलिस बल की रणनीतिक तैनाती पर विस्तार से चर्चा की गई।
डीआईजी ने विशेष रूप से ATS और RRF को निर्देशित किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा सभी टीमें आपसी समन्वय के साथ लगातार सक्रिय रहें।
ड्रोन से निगरानी, छतों की कराई गई जांच
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के ड्रोन का परीक्षण किया गया। साथ ही कांवड़ मार्गों के आसपास स्थित भवनों एवं छतों की भी गहन जांच कराई गई ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती को पहले ही समाप्त किया जा सके।
शिविर संचालकों और जनप्रतिनिधियों से संवाद
पैदल भ्रमण के दौरान डीआईजी ने कांवड़ सेवा शिविर संचालकों तथा जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उन्होंने व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा सहयोग बनाए रखने की अपील की। पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पुलिस कर्मियों का बढ़ाया उत्साह
ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत करते हुए डीआईजी ने उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे विशाल आयोजन में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। सभी जवान पूरी निष्ठा, धैर्य और सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं तथा अगले चार दिनों तक किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जोन और सेक्टरवार तैयारियों की समीक्षा
डीआईजी ने जोन एवं सेक्टरवार अब तक की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल उपलब्ध रहना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके।
औघड़नाथ मंदिर में बनेगा सीसीटीवी कंट्रोल रूम
निरीक्षण के दौरान बाबा औघड़नाथ मंदिर परिसर में बनाए जा रहे सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कंट्रोल रूम का निर्माण कार्य अगले दिन तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान मंदिर परिसर की प्रत्येक गतिविधि पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
एलआईयू से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश
डीआईजी ने सभी अधिकारियों को स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूचना को हल्के में न लिया जाए और प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गैरहाजिर पुलिसकर्मियों पर होगी कार्रवाई
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्यूटी के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी अनुपस्थित नहीं रहना चाहिए। यदि कोई कर्मचारी बिना अनुमति के ड्यूटी से गायब पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
डीआईजी ने कहा कि कांवड़ मार्गों और प्रमुख चौराहों पर किसी भी स्थिति में जाम नहीं लगना चाहिए। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल एवं मोबाइल टीमें लगातार सक्रिय रहें। विशेष रूप से टैंक चौराहा से माल रोड तक मोटरसाइकिल मोबाइल टीम को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि केवल चौराहों पर ही नहीं बल्कि उनके बीच स्थित कांवड़ मार्गों पर भी पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बनी रहनी चाहिए।
बाबा औघड़नाथ मंदिर पर रिजर्व QRT रहेगी तैनात
बाबा औघड़नाथ मंदिर परिसर में रिजर्व QRT को निर्धारित स्थान पर तैनात रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल विभिन्न अधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
सभी थाना प्रभारियों को विशेष जिम्मेदारी
डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों एवं चौकी प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अगले चार दिनों तक स्वयं सक्रिय रहकर कांवड़ ड्यूटी का नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि बाहर से आए पुलिस बल पर पूरी जिम्मेदारी छोड़ने के बजाय स्थानीय अधिकारी स्वयं लगातार क्षेत्र में मौजूद रहें।
शराब और मांस की दुकानों के संबंध में निर्देश
कांवड़ यात्रा की गरिमा बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शराब की दुकानों को पूरी तरह ढककर रखा जाए तथा कांवड़ मार्गों पर स्थित मीट और अंडा बेचने वाली दुकानों को पूर्ण रूप से बंद रखा जाए।
डीआईजी का स्पष्ट संदेश
डीआईजी श्री कलानिधि नैथानी ने कहा कि कांवड़ यात्रा उत्तर प्रदेश का अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार, शासन और पुलिस मुख्यालय की मंशा के अनुरूप सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करें। सुरक्षा, यातायात और कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी।