हापुड़ के नगर थाने का वार्षिक निरीक्षण करते डीआईजी कलानिधि नैथानी
हापुड़। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मेरठ परिक्षेत्र श्री कलानिधि नैथानी ने बुधवार को जनपद हापुड़ के थाना हापुड़ नगर का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, मैस, बैरक, कार्यालय, मालखाना, शस्त्रागार, मिशन शक्ति केंद्र और साइबर हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया। इसके साथ ही विवेचकवार लंबित विवेचनाओं, शिकायतों के निस्तारण, अभिलेखों के रखरखाव, पुलिस कल्याण कार्यों और उच्चाधिकारियों एवं न्यायालय से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की।
मिशन शक्ति के कार्यों की समीक्षा, सीओ को चेतावनी
डीआईजी ने मिशन शक्ति केंद्र पर महिला संबंधी शिकायतों और उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली। मिशन शक्ति के कार्यों के पर्यवेक्षण में कमी पाए जाने पर क्षेत्राधिकारी नगर को चेतावनी देते हुए कार्यों की नियमित और प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीओ और थाना प्रभारी मिशन शक्ति केंद्र के कार्यों का नियमित पर्यवेक्षण करें और महिला संबंधी शिकायतों के निस्तारण के बाद पीड़िताओं से फीडबैक भी लिया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि मिशन शक्ति केंद्र पर प्राप्त महिला संबंधी शिकायतों की ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रविष्टियों का नियमित मिलान किया जाए। संवेदनशील मामलों और पूर्व में पीड़ित महिलाओं के मामलों में नियमानुसार फॉलोअप कराया जाए तथा दोबारा उत्पीड़न की आशंका वाले मामलों में विशेष सतर्कता बरती जाए।
महिला शिकायतों में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश
डीआईजी ने कहा कि मिशन शक्ति केंद्र पर आने वाली पीड़िताओं के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा उनकी शिकायतों की गोपनीयता बनाए रखी जाए। गंभीर सूचना मिलने पर संबंधित महिला पुलिसकर्मी अथवा बीट अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं।
महिला अपराध से जुड़े मामलों में थाना प्रभारी और मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने तथा प्रत्येक प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। थाना प्रभारी को लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा कर निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश देने को कहा गया।
पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन के लिए लोगों को थाने नहीं बुलाया जाए
डीआईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन के लिए संबंधित लोगों को अनावश्यक रूप से थाने न बुलाया जाए। संबंधित उप निरीक्षक और बीट आरक्षी मौके पर जाकर सत्यापन की कार्रवाई करें। उन्होंने सत्यापन प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करने और किसी भी सत्यापन में 15 दिन से अधिक समय न लगने देने के निर्देश दिए।

साइबर संबंधी मामलों में भी लोगों को अनावश्यक रूप से थाने बुलाने से बचने और संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बीट पुलिसिंग मजबूत करने और ग्राम प्रहरियों से संवाद के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने बीट पुलिसिंग को और सक्रिय करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी बीट कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने, ग्राम चौकीदारों से लगातार संवाद करने और उनसे सूचनाओं का आदान-प्रदान बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्राम प्रहरियों से भी संवाद किया और उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप उपहार भेंट किए। हल्का प्रभारियों और बीट आरक्षियों को ग्राम प्रहरियों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही बीट आरक्षियों को अपने क्षेत्र में पंजीकृत होने वाले अभियोगों की जानकारी रखने को कहा गया।
अपराधियों पर गैंगस्टर, गुंडा एक्ट और एनएसए के तहत कार्रवाई
डीआईजी ने अपराधियों और अराजकतत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक मामलों में गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एनएसए के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। थाना क्षेत्र में रहने वाले हिस्ट्रीशीटरों की नियमित निगरानी कराई जाए तथा सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों की सूची तैयार कर उनके क्रियाकलापों पर नजर रखी जाए।
उन्होंने लंबित गैर-जमानती वारंट (NBW) की भी समीक्षा की और अधिक संख्या में अदम तामील NBW पाए जाने पर अपर पुलिस अधीक्षक को प्रभावी पर्यवेक्षण करते हुए अधिक से अधिक गिरफ्तारी कराने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी को थाने पर प्राप्त NBW की प्रतिदिन स्वयं मॉनिटरिंग करने को कहा गया।
लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण पर जोर
डीआईजी ने क्षेत्राधिकारी को निर्देश दिए कि थाने पर मौजूद उप निरीक्षकों को लंबित विवेचनाओं का समान रूप से आवंटन सुनिश्चित किया जाए। छह माह से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराया जाए। साथ ही ऐसे मामलों को भी चिन्हित किया जाए जिनमें अभियुक्तों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी और कार्रवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने हवालात और रिमांड रजिस्टर को पूर्ण रखने तथा थाना क्षेत्र में कितने व्यक्ति जेल में हैं, इसकी अद्यतन जानकारी रखने के निर्देश दिए।
शस्त्रों की सफाई और प्रशिक्षण के लिए रोस्टर बनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने शस्त्रागार का भी निरीक्षण किया। उन्होंने शस्त्रों की साफ-सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जनपदीय आर्मोरर को रोस्टर तैयार कर सभी थानों में जाकर शस्त्रों की साफ-सफाई और मरम्मत की व्यवस्था करने को कहा गया।

आर्मोरर द्वारा थानों पर नियुक्त पुलिसकर्मियों को शस्त्रों के संबंध में जानकारी देने और हैंडलिंग का अभ्यास कराने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान शस्त्रों के संबंध में अच्छी जानकारी रखने वाले उप निरीक्षक चेतन चौहान को पुरस्कृत किया गया।
पुराने वाहनों और अनुपयोगी सामान की नीलामी के निर्देश
डीआईजी ने थानों पर पड़े अनावश्यक, टूटे-फूटे और अनुपयोगी सामान को नियमानुसार हटाने के निर्देश दिए। जीपी स्टोर में रखे खराब उपकरणों को पुलिस लाइन भेजकर मरम्मत कराने अथवा नियमानुसार नीलाम कराने को कहा गया।
उन्होंने थाने में खड़े वाहनों की नीलामी के लिए अक्टूबर माह में तिथि निर्धारित करने और अधिक से अधिक पुराने वाहनों की नीलामी कराने के निर्देश दिए। सरकारी वाहनों के रखरखाव को भी बेहतर रखने को कहा गया।
मालखाने के अभिलेखों के डिजिटलीकरण पर जोर
मालखाने के निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने माल मुकदमाती और अन्य माल के नियमानुसार निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने माल पर लगे क्यूआर कोड के साथ-साथ संबंधित रजिस्टरों के डिजिटलीकरण पर भी जोर दिया।
पुराने रिकॉर्ड को नियमानुसार बीडआउट कराने और माल के निस्तारण की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न करने के निर्देश दिए गए।
चुनाव से पहले शस्त्र रजिस्टर का मिलान कराने के निर्देश
डीआईजी ने आगामी चुनाव के मद्देनजर शस्त्र रजिस्टर का जिलाधिकारी कार्यालय के रिकॉर्ड से मिलान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले शस्त्रों से संबंधित अभिलेखों की स्थिति स्पष्ट और अद्यतन रहनी चाहिए।
पुलिसकर्मियों की ड्यूटी में रोटेशन के निर्देश
डीआईजी ने महिला पुलिसकर्मियों समेत अन्य पुलिसकर्मियों की ड्यूटी में रोटेशन लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिसकर्मी लंबे समय से एक ही स्थान अथवा एक ही लेपर्ड पर ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों की ड्यूटी बदलकर व्यवस्थित रोस्टर तैयार किया जाए।
उन्होंने पुलिस कल्याण और अनुशासन पर भी लगातार ध्यान देने के निर्देश दिए। थानों पर अनुशासन रजिस्टर रखने और उसमें कार्रवाई एवं निस्तारण का विवरण दर्ज करने को कहा गया।
थाने के पुराने भवनों की मरम्मत और रखरखाव पर जोर
डीआईजी ने जर्जर हो चुके पुराने थाना भवनों को चिन्हित कर उनकी पत्रावली तैयार करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एएसपी और सीओ कार्यालयों एवं भवनों की स्थिति की भी समीक्षा करने को कहा गया।
थाने को आगंतुक और कार्य-सुलभ बनाने तथा साफ-सफाई व्यवस्था बेहतर रखने के लिए सप्ताह में एक बार विशेष रूप से सफाई कराने के निर्देश दिए गए। क्षेत्राधिकारी को समय-समय पर इसका नेतृत्व और निरीक्षण करने को कहा गया।
112 व्यवस्था और एलआईयू रिपोर्ट की समीक्षा
डीआईजी ने सभी थानों पर यूपी-112 से संबंधित इवेंट रजिस्टर बनाए जाने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी को रजिस्टर की नियमित समीक्षा करने तथा इवेंट की फ्रीक्वेंसी और रूट चार्ट की जांच करने को कहा गया।
उन्होंने निर्देश दिए कि एलआईयू रिपोर्ट की महत्वपूर्ण जानकारी संबंधित अधिकारियों तक समय से पहुंचे और थाना प्रभारी चौकी प्रभारियों को आवश्यक सूचनाओं से अवगत कराएं।
जमीन संबंधी विवादों का समाधान दिवस में निस्तारण
थाना क्षेत्र में जमीन संबंधी विवादों को चिन्हित कर समाधान दिवस में उनके निस्तारण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने कहा कि ऐसे मामलों में समय रहते प्रभावी कार्रवाई होने से विवादों को बढ़ने से रोका जा सकता है।
मिशन शक्ति में जागरूकता बढ़ाने पर जोर
डीआईजी ने एंटी रोमियो टीम की कार्रवाई को केवल चेकिंग तक सीमित न रखने के निर्देश दिए। टीमों को बालिकाओं और महिलाओं को हेल्पलाइन नंबर, साइबर सुरक्षा और उपलब्ध पुलिस सहायता के बारे में जागरूक करने को कहा गया।
महिला बीट कर्मियों को अपने क्षेत्र में महिला अपराध से संबंधित संवेदनशील स्थानों की जानकारी रखने तथा ग्राम पंचायत, विद्यालय, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं और महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने मिशन शक्ति केंद्र और महिला हेल्प डेस्क पर सभी आवश्यक हेल्पलाइन नंबर और महत्वपूर्ण जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रखने को कहा, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को तत्काल सहायता मिल सके। सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से प्राप्त महिला उत्पीड़न, अश्लीलता अथवा धमकी संबंधी शिकायतों पर साइबर टीम के समन्वय से तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बेहतर अभिलेख रखरखाव पर निरीक्षक को किया पुरस्कृत
निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के बेहतर रखरखाव और उनके सही विश्लेषण के लिए थाना निरीक्षक श्री अशोक कुमार को पुरस्कृत किया गया। वहीं शस्त्रों के संबंध में अच्छी जानकारी रखने पर उप निरीक्षक चेतन चौहान को भी सम्मानित किया गया।
डीआईजी ने निरीक्षण के दौरान अभिलेखों में मिली कमियों को मौके पर ही अधिकारियों और कर्मचारियों को समझाते हुए सुधारात्मक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालय और उच्चाधिकारियों से प्राप्त निर्देशों का शत-प्रतिशत और समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक हापुड़ श्री कुँवर ज्ञानंजय सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक श्री महेश कुमार, क्षेत्राधिकारी हापुड़ नगर सहित जनपद के अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।