कांवड़ियों से वार्ता करते जिलाधिकारी मेरठ डॉ वी.के सिंह
मेरठ। कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहे, इसके लिए जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह लगातार तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गंग नहर पटरी स्थित कांवड़ मार्ग का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सलावा पुल, अटेरना पुल, दौराला पुल, नानू पुल, भलसौना पुल, पूठखास पुल तथा भोला की झाल तक पूरे कांवड़ मार्ग का भ्रमण किया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट भी प्राप्त की।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने कांवड़ मार्ग पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, सुरक्षा प्रबंधों और पुलिस व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कैमरे सुचारु रूप से संचालित रहें तथा संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, महिला कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने और पुलिस बल की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल की जांच
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग पर साफ-सफाई, साइनेज, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व्यवस्था, जल निकासी, सड़क मरम्मत एवं पेंचवर्क की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी स्थान पर गंदगी, जलभराव या सड़क संबंधी समस्या नहीं होनी चाहिए। श्रद्धालुओं को निर्बाध और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिले, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

विद्युत सुरक्षा के दिए विशेष निर्देश
कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना से बचाव के लिए जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मार्ग के किनारे स्थित विद्युत खंभों को पॉलीथीन से कवर किया जाए तथा ट्रांसफार्मरों को सुरक्षा जाली से ढका जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत सुरक्षा के मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन की समीक्षा
जिलाधिकारी ने कांवड़ मार्ग पर स्थापित किए जा रहे स्वास्थ्य शिविरों, मोबाइल एम्बुलेंस, शौचालय, मोबाइल टॉयलेट, गोताखोरों एवं मोटरबोट की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि चिकित्सा टीमें पूरी तरह अलर्ट रहें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। गंग नहर के किनारे संवेदनशील स्थानों पर गोताखोरों और मोटरबोट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
कांवड़ यात्रियों से की बातचीत
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रियों से सीधे संवाद कर प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। श्रद्धालुओं से मिले सुझावों को भी गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
अधिकारियों को दिए सतत निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहें और प्रत्येक व्यवस्था की नियमित निगरानी करें। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और सफल बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
निरीक्षण में रहे उपस्थित
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, पुलिस अधीक्षक (देहात) अभिजीत कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रसाद, एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर, जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेन्द्र सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, सहित सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग, पुलिस विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
जिला प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई जाए तथा पूरी यात्रा बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।