जनसुनवाई करती महिला आयोग की सदस्य डॉक्टर मीनाक्षी भराला
मेरठ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने बुधवार को तहसील मवाना सभागार में महिला जनसुनवाई आयोजित कर महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का शीघ्र एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में कुल 13 शिकायतें प्राप्त हुईं। प्रत्येक प्रकरण पर विस्तार से सुनवाई करते हुए डॉ. भराला ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी महिला को न्याय पाने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना चाहिए।
डॉ. मीनाक्षी भराला ने जनसुनवाई में उपस्थित महिलाओं से कहा कि वे बिना किसी भय या संकोच के अपनी समस्याएं खुलकर रखें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना तथा अन्य महिला अपराधों से जुड़े मामलों में तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवाना का किया निरीक्षण
जनसुनवाई के उपरांत राज्य महिला आयोग की सदस्य ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मवाना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता व्यवस्था तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। डॉ. भराला ने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने अस्पताल में भर्ती एवं उपचार के लिए आए मरीजों से भी बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं की जानकारी ली। मरीजों ने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं तथा चिकित्सकों के व्यवहार पर संतोष व्यक्त किया।
गौशाला में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश
इसके बाद डॉ. मीनाक्षी भराला ने मवाना स्थित गौशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौवंश के रखरखाव, स्वच्छता और खान-पान की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
उन्होंने गौशाला के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि गायों को नियमित रूप से पौष्टिक एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही गौशाला परिसर में मक्खी-मच्छरों की रोकथाम के लिए समय-समय पर स्प्रे कराया जाए तथा पशुओं को पिलाए जाने वाले पानी की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि गौवंश स्वस्थ रह सके।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी, तहसीलदार मवाना, क्षेत्राधिकारी मवाना, वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी सेंटर मैनेजर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।