फारस और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित जलडमरू मध्य
- मध्य पूर्व: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर महासंकट
फारस की खाड़ी में समुद्री तेल व्यापार के सबसे अहम मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ पर अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध बेहद गंभीर स्थिति में पहुँच गया है।
- तनाव की वजह: ईरान द्वारा तेल टैंकरों पर खतरे के बीच खाड़ी देश अपने कच्चे तेल को अमेरिकी नौसेना के संरक्षण में ‘डार्क मोड’ (ट्रांसपोंडर बंद करके) में बाहर निकाल रहे हैं।
- ईरान की शर्तें: ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका उसकी शर्तें स्वीकार नहीं करता और क्षेत्र से अपनी सैन्य मौजूदगी को लेकर रुख नरम नहीं करता, तब तक जहाजों का स्वतंत्र आवागमन सुगम नहीं होगा।
- ग्लोबल असर: वैश्विक तेल आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों पर इस संकट का सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
- रूस-यूक्रेन युद्ध: ‘पैंडोरा बॉक्स’ खुला, आर्थिक ठिकानों पर विनाशकारी हमले
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बयान दिया है कि यूक्रेन ने रूस के आर्थिक ठिकानों पर ड्रोन हमले करके “पैंडोरा बॉक्स” खोल दिया है।
- यूक्रेनी रणनीति: यूक्रेन ने रूसी तेल रिफाइनरियों और बड़े ई-कॉमर्स गोदामों को निशाना बनाकर रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाने का अभियान तेज़ किया है।
- रूस का पलटवार: जवाब में रूस ने यूक्रेन के कृषि और आर्थिक ढाँचे, बंदरगाहों और नागरिक बुनियादी ढांचों पर जोरदार ड्रोन व मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं।
होर्मुज संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध में आर्थिक ठिकानों पर हमले से बढ़ी वैश्विक चिंता
अमेरिका-ईरान तनाव से तेल आपूर्ति पर दबाव, रूस-यूक्रेन संघर्ष में आर्थिक ढांचे को निशाना बनाए जाने से बढ़ी भू-राजनीतिक चुनौती
नई दिल्ली। दुनिया की भू-राजनीति में इस समय दो बड़े घटनाक्रम विशेष रूप से चर्चा में हैं। एक ओर फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्षों द्वारा आर्थिक और लॉजिस्टिक ढांचे से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाए जाने का सिलसिला तेज हुआ है। इन दोनों घटनाक्रमों का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक व्यापार और खाद्य सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव
फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हाल की रिपोर्टों के अनुसार समुद्री यातायात सामान्य स्तर से काफी कम रहा है और कुछ जहाजों ने अपनी ट्रैकिंग प्रणाली बंद करके यानी ‘डार्क’ मोड में आवाजाही की है। Kpler के आंकड़ों के अनुसार 18 अगस्त तक एक बड़े हिस्से की आवाजाही ऐसे ट्रांजिट में दर्ज हुई, जिनकी वास्तविक मार्ग-सूचना स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थी।
तेल आपूर्ति और कीमतों पर दुनिया की नजर
होर्मुज में समुद्री यातायात प्रभावित होने का सबसे बड़ा संभावित असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर है। इस मार्ग से तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की बड़ी मात्रा का परिवहन होता है। इसलिए यहां लंबे समय तक व्यवधान रहने पर एशिया समेत दुनिया के कई हिस्सों में कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। हालिया बाजार रिपोर्टों में भी होर्मुज से टैंकर आवाजाही धीमी होने के बीच तेल बाजार की संवेदनशीलता का उल्लेख किया गया है।
अमेरिका की ओर से जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल परिवहन को बनाए रखने के प्रयास किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। वहीं ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत एवं भविष्य की व्यवस्था को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। इस वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में आर्थिक ठिकाने बने नया निशाना
दूसरी ओर रूस-यूक्रेन युद्ध में हमलों का दायरा सैन्य प्रतिष्ठानों से आगे बढ़कर आर्थिक और लॉजिस्टिक ढांचे तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस की तेल रिफाइनरियों और बड़े ऑनलाइन रिटेल एवं लॉजिस्टिक्स गोदामों को निशाना बनाकर उसकी युद्ध अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की है। रिपोर्टों के अनुसार रूस की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी Wildberries के कई गोदाम भी हमलों से प्रभावित हुए हैं।
यूक्रेन का तर्क है कि ऐसे आर्थिक और लॉजिस्टिक ढांचे रूस की युद्ध क्षमता को बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं। दूसरी ओर रूस इन हमलों को अपनी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखता है।
पुतिन ने कहा- ‘पैंडोरा बॉक्स’ खुल गया
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 22 अगस्त को कहा कि यूक्रेन ने रूस के आर्थिक ठिकानों पर हमले करके “पैंडोरा बॉक्स” खोल दिया है। पुतिन ने चेतावनी दी कि रूस यूक्रेन के “सबसे संवेदनशील आर्थिक क्षेत्रों” को निशाना बनाकर जवाब देगा। यह बयान दोनों देशों के बीच आर्थिक ढांचे पर बढ़ते हमलों के संभावित विस्तार का संकेत माना जा रहा है।
रॉयटर्स के अनुसार यूक्रेन ने इस गर्मी में रूस की तेल रिफाइनरियों और ऑनलाइन रिटेल कंपनियों के गोदामों सहित आर्थिक बुनियादी ढांचे पर ड्रोन हमलों की मुहिम तेज की है। इसके जवाब में रूस ने यूक्रेन के आर्थिक ढांचे और काला सागर के जरिए होने वाले अनाज निर्यात से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमले किए हैं।
खाद्य और वैश्विक व्यापार पर भी चिंता
रूस-यूक्रेन संघर्ष में बंदरगाहों और कृषि निर्यात से जुड़े ढांचे को नुकसान पहुंचने से वैश्विक खाद्य आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ी है। यूक्रेन दुनिया के महत्वपूर्ण कृषि निर्यातकों में शामिल है और काला सागर के जरिए होने वाला उसका अनाज निर्यात अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। पुतिन ने हालांकि कहा है कि रूस यूक्रेन के निर्यात में आने वाली संभावित कमी की भरपाई करने में सक्षम होगा।
दो संकट, एक वैश्विक चुनौती
होर्मुज जलडमरूमध्य में ऊर्जा परिवहन को लेकर तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध में आर्थिक ढांचे पर बढ़ते हमले, दोनों घटनाक्रम वैश्विक अर्थव्यवस्था की संवेदनशीलता को सामने ला रहे हैं। एक तरफ ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर दबाव की आशंका है, तो दूसरी ओर कृषि निर्यात, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर असर का खतरा बना हुआ है।
आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान के बीच होर्मुज को लेकर कोई समझौता होता है या तनाव और बढ़ता है तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष में आर्थिक ठिकानों पर हमले किस स्तर तक जाते हैं—इन दोनों सवालों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। फिलहाल दोनों मोर्चों पर अनिश्चितता वैश्विक बाजारों और कूटनीति के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है