कमिश्नरी मुख्य द्वार का घेराव करते किसान
मेरठ। किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के मेरठ जिला अध्यक्ष कालू प्रधान के नेतृत्व में सैकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों एवं अन्य वाहनों के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद किसानों ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी मेरठ को सौंपा।
यह प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर राजेश सिंह चौहान एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर आयोजित किया गया। प्रदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसानों ने सरकार और प्रशासन का ध्यान कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में किसानों ने अंश निर्धारण की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने, फार्मर आईडी से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने तथा किसानों को समय पर डीएपी एवं यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा नकली बीजों एवं कीटनाशकों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने, फसलों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने तथा फसल बीमा योजना का लाभ सभी पात्र किसानों तक पहुंचाने की मांग भी उठाई गई।
किसानों ने आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या को भी गंभीर बताते हुए कहा कि खेतों में खड़ी फसलें लगातार नुकसान का शिकार हो रही हैं। इसके साथ ही सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, कृषि कार्यों के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान समय पर कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। राजस्व विभाग से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
जिला अध्यक्ष कालू प्रधान ने कहा कि प्रदेश का किसान लगातार बढ़ती कृषि लागत, प्रशासनिक जटिलताओं और सरकारी योजनाओं के समुचित लाभ से वंचित रहने के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी समस्याओं को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन समाधान की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। ऐसे किसी भी आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
कार्यक्रम का संचालन अमित छाबड़िया ने किया। प्रदर्शन में विनोद जटौली, शोसिह प्रधान, मिराज मलिक, नीरज राठी, कुश चौहान, निर्दोष, जितेंद्र त्यागी, अभिलाष हुड्डा, पवन कोतवाल, अमित छाबड़िया, अशोक राठी, फरमान, मनजीत धामा, शुभम चाहल, कपिल पूनिया, शाकिर, देवेंद्र शर्मा, बाबा महकार, मुस्तकीम, हिवाल काम्बोज, भूरे भाई, सरदार जी, अजय प्रधान, दिनेश तिगरी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने “किसान-मजदूर एकता जिंदाबाद” तथा “भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) जिंदाबाद” के नारों के साथ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया और किसान हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।