इनोवेशन काउंसिल में छात्रों ने की सहभागिता
मेरठ, 25 अगस्त 2026। रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, मेरठ की प्राचार्या प्रोफेसर निवेदिता कुमारी के दिशा-निर्देशन में स्कूल इनोवेशन काउंसिल (SIC) एवं बीएड विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप को लेकर आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सेठ बीके महेश्वरी बालिका इंटर कॉलेज, मेरठ में किया गया, जहां छात्राओं को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज की इनोवेशन सेल की सदस्या एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शुभम त्यागी ने छात्राओं को इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप एवं स्टार्टअप विषय पर अतिथि व्याख्यान दिया। उन्होंने छात्राओं को नए विचारों को विकसित करने, उन्हें व्यावहारिक रूप देने तथा भविष्य में उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उद्यमिता का अर्थ केवल कारोबार शुरू करना नहीं
अतिथि व्याख्यान के दौरान डॉ. शुभम त्यागी ने बताया कि उद्यमिता का अर्थ किसी नए कारोबार की शुरुआत करने के साथ-साथ उसे व्यवस्थित रूप से संचालित करना और आगे बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि उद्यमिता में नवाचार, कौशल और दूरदृष्टि का उपयोग करते हुए नए उत्पाद, सेवाएं अथवा विचार विकसित किए जाते हैं।
उन्होंने छात्राओं को समझाया कि उद्यमिता नवाचार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है। किसी नए विचार को व्यवसाय या सेवा के रूप में विकसित करने के लिए बाजार की जरूरतों को समझना, उपलब्ध संसाधनों का उचित प्रबंधन करना और ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान तैयार करना जरूरी है।
जोखिम और अनिश्चितता को समझना जरूरी
डॉ. शुभम त्यागी ने कहा कि उद्यमिता के क्षेत्र में अवसरों के साथ जोखिम और अनिश्चितताएं भी जुड़ी होती हैं। इसलिए किसी भी उद्यम को शुरू करने से पहले संभावित जोखिमों का आकलन करना और उनसे निपटने की रणनीति तैयार करना आवश्यक है।
उन्होंने छात्राओं को बताया कि एक सफल उद्यमी को बाजार में उपलब्ध अवसरों की पहचान करने के साथ-साथ भूमि, श्रम, पूंजी और अन्य संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करना आना चाहिए। नए विचारों के माध्यम से बाजार में मूल्य का सृजन करना और बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालना भी उद्यमिता की महत्वपूर्ण विशेषता है।
स्टार्टअप के लिए नवाचार और समस्या समाधान पर जोर
व्याख्यान में डॉ. शुभम त्यागी ने स्टार्टअप की अवधारणा पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप कंपनियां अक्सर नए विचारों, उत्पादों या सेवाओं के माध्यम से मौजूदा समस्याओं का समाधान तलाशने और तेजी से विकास करने का प्रयास करती हैं।
उन्होंने बताया कि स्टार्टअप की प्रमुख विशेषताओं में सीमित संसाधनों के साथ काम करना, नवाचार एवं समस्या-समाधान पर ध्यान केंद्रित करना और बाजार की जरूरतों के अनुरूप नए समाधान विकसित करना शामिल है। स्टार्टअप कंपनियां अपने उत्पादों या सेवाओं को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रयोग और फीडबैक को भी महत्वपूर्ण मानती हैं।
बाहरी फंडिंग और उद्यम पूंजी की भूमिका
डॉ. शुभम त्यागी ने छात्राओं को स्टार्टअप के लिए वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई स्टार्टअप अपने विस्तार और विकास के लिए बाहरी फंडिंग पर निर्भर करते हैं। इसमें उद्यम पूंजी जैसे वित्तीय स्रोतों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
उन्होंने छात्राओं को यह भी बताया कि स्टार्टअप में केवल विचार होना पर्याप्त नहीं है। विचार को व्यावहारिक रूप देने, उसके लिए उपयुक्त बाजार तलाशने, वित्तीय योजना बनाने और लगातार सुधार करने की क्षमता भी आवश्यक होती है।
भारत में स्टार्टअप शुरू करने की प्रक्रिया की दी जानकारी
कार्यक्रम में भारत में स्टार्टअप शुरू करने से जुड़ी बुनियादी जानकारी भी छात्राओं के साथ साझा की गई। डॉ. शुभम त्यागी ने बताया कि किसी व्यवसाय को औपचारिक रूप से शुरू करने के लिए उसके उपयुक्त स्वरूप का चयन और आवश्यक निगमन एवं नियामकीय प्रक्रियाओं को पूरा करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने उदाहरण के रूप में प्राइवेट लिमिटेड कंपनी अथवा साझेदारी फर्म के रूप में व्यवसाय स्थापित करने की जानकारी दी।
उन्होंने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे अपनी शिक्षा के साथ-साथ नए विचारों पर काम करें और समस्याओं के समाधान तलाशने की आदत विकसित करें। उन्होंने कहा कि भविष्य में नवाचार और उद्यमिता युवाओं के लिए रोजगार तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजित करने का भी माध्यम बन सकती है।
विद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सुना व्याख्यान
सेठ बीके महेश्वरी बालिका इंटर कॉलेज, मेरठ की प्रधानाचार्या डॉ. नीलम सिंह का कार्यक्रम के आयोजन में विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर श्रीमती अलका शर्मा एवं श्रीमती शबाना शब्नूर भी उपस्थित रहीं।
विद्यालय की छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ अतिथि व्याख्यान सुना। छात्राओं ने नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप से संबंधित जानकारी में रुचि दिखाई तथा भविष्य में इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा व्यक्त की।
छात्राओं में उद्यमिता की सोच विकसित करना उद्देश्य
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ नवाचार और उद्यमिता की संभावनाओं से परिचित कराना रहा। वक्ताओं ने छात्राओं को अपने आसपास की समस्याओं को पहचानने, उनके रचनात्मक समाधान तलाशने और अपने विचारों को नए अवसरों में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे आउटरीच कार्यक्रम विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता और समस्या-समाधान की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं। इससे विद्यार्थी भविष्य में शिक्षा के साथ-साथ उद्यमिता एवं स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
कॉलेज प्रशासन ने कार्यक्रम को बताया उपयोगी पहल
रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज की प्राचार्या प्रो. निवेदिता कुमारी के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम को छात्राओं के लिए उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक पहल बताया गया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को नवाचार की अवधारणा से लेकर स्टार्टअप की कार्यप्रणाली और उद्यमिता में उपलब्ध संभावनाओं तक की जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सहयोग प्रदान करने वाले विद्यालय प्रशासन, शिक्षिकाओं और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।