साइबर सुरक्षा कार्यशाला के समापन के अवसर पर प्रतिभागी को सम्मानित करते आयोजक
मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय में यू.पी. पुलिस अमरोहा एवं श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय कार्यशाला-2026” का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। बारह दिनों तक चली इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देश के 26 राज्यों से आए 850 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और साइबर अपराधों की रोकथाम, जांच एवं जागरूकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन जानकारी प्राप्त की।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) श्री जे.पी. सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी तथा कार्यक्रम संयोजक एवं पुलिस उपाधीक्षक श्रीमती अंजली कटारिया के साथ मिलकर सभी प्रतिभागियों, साइबर विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए साइबर सुरक्षा के गुर
कार्यशाला के दौरान दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, गुरुग्राम और भोपाल सहित देश के विभिन्न शहरों से आए दो दर्जन से अधिक प्रतिष्ठित साइबर विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को साइबर अपराधों की बारीकियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण में बैंकिंग धोखाधड़ी, फोटोशॉप एडिटिंग फ्रॉड, हैकिंग, मालवेयर, रैनसमवेयर, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन वित्तीय अपराध, डेटा सुरक्षा और साइबर जांच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रतिभागियों को न केवल साइबर अपराधों की पहचान करना सिखाया गया, बल्कि उनसे बचाव, रिपोर्टिंग और अपराधियों तक पहुंचने की आधुनिक तकनीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया।
साइबर योद्धा बनकर निकलेंगे प्रतिभागी: जे.पी. सिंह
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एडीजी श्री जे.पी. सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में केवल पुलिस बल ही नहीं, बल्कि समाज के जागरूक नागरिकों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और युवाओं को भी मिलकर इसके खिलाफ अभियान चलाना होगा।
उन्होंने कहा कि इस दो सप्ताह की कार्यशाला में प्रशिक्षित हुए प्रतिभागी भविष्य में “साइबर योद्धा” के रूप में देशभर में साइबर अपराधों की रोकथाम और जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यू.पी. पुलिस अमरोहा और वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय को इस सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं।
जागरूकता बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी कार्यशाला
वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि साइबर सुरक्षा को लेकर यू.पी. पुलिस द्वारा आयोजित यह राष्ट्रीय कार्यशाला न केवल प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करने में सफल रही, बल्कि आम जनमानस में भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है।
उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा हर नागरिक की प्राथमिक आवश्यकता बन चुकी है और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
सफल अभ्यर्थी साइबर अपराधों पर कसेंगे नकेल
कार्यक्रम की मुख्य संयोजक एवं पुलिस उपाधीक्षक श्रीमती अंजली कटारिया ने कहा कि बारह दिनों तक चले इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और प्रतिभागियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षित करना था।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्रशिक्षित प्रतिभागी भविष्य में देशभर में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और लोगों को जागरूक करने का प्रभावी कार्य करेंगे।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ
समापन समारोह का शुभारंभ सरस्वती मां की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एडीजी श्री जे.पी. सिंह, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. (डॉ.) कृष्णकांत दवे, डीएसपी अंजली कटारिया, जुबिलेंट के निदेशक जनसंपर्क श्री सुनील दीक्षित तथा एचआर हेड श्री ऋषिपाल सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में हिमाचल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रमेश चौधरी, वित्त निदेशक सीए युवराज सिंह, डॉ. आशिया वाहिद, डॉ. शिल्पा रैना, डॉ. सुमन कश्यप, रिया चौधरी, पीआरओ डॉ. श्रीराम गुप्ता, साइबर विशेषज्ञ भानु शर्मा, डॉ. विकास पांडेय, डॉ. अमित कुमार, डॉ. ऋषभ, एस.एस. बघेल, शक्ति ध्वज सिंह, सचिन, सोनू सैनी, कैमरामैन प्रितपाल, डॉ. पंकज चौधरी तथा मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित अनेक शिक्षाविद, विशेषज्ञ और छात्र उपस्थित रहे।
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नई पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन गतिविधियों के दौर में इस प्रकार की राष्ट्रीय कार्यशालाएं साइबर अपराधों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगी। वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय और यू.पी. पुलिस की यह संयुक्त पहल साइबर जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।