श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय और अपोलो हेल्थ केयर अकैडमी के बीच एम ओ यू
मेरठ। उत्तर भारत के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय ने देश की अग्रणी स्वास्थ्य सेवा संस्था अपोलो हेल्थकेयर एकेडमी लिमिटेड (अपोलो हॉस्पिटल्स समूह), हैदराबाद के साथ एलाइड हेल्थ साइंसेज के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक अनुबंध (एमओयू) किया है। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से छात्रों को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों में विश्वस्तरीय शिक्षण, व्यावहारिक प्रशिक्षण (Training) और रोजगार (Placement) उपलब्ध कराएंगे।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपोलो हेल्थकेयर लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. एस. रामाकृष्णन वेंक्टेश्वरन और वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) कृष्ण कांत दवे ने एमओयू की प्रतियों का आदान-प्रदान कर इस ऐतिहासिक साझेदारी को औपचारिक रूप दिया।
एलाइड हेल्थ साइंसेज के कई पाठ्यक्रम होंगे शामिल
इस शैक्षणिक समझौते के तहत नेशनल कमीशन फॉर एलाइड हेल्थ एंड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स (NCAHP) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, कार्डियक केयर, फिजियोथेरेपी, एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न बैचलर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा।
छात्रों को अपोलो हॉस्पिटल्स नेटवर्क के माध्यम से बेस्ट क्लीनिकल एक्सपोजर, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों पर प्रशिक्षण तथा उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
‘स्वस्थ भारत’ मिशन को मिलेगा बल : सुधीर गिरी
वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरी ने कहा कि प्रधानमंत्री “स्वस्थ भारत, आरोग्य भारत और आयुष्मान भारत” के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। यह साझेदारी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि अपोलो हेल्थकेयर जैसे विश्वस्तरीय संस्थान के सहयोग से विश्वविद्यालय उच्च गुणवत्ता वाले हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार करेगा, जो देश और विदेश दोनों स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
हेल्थ सेक्टर में स्किल गैप को कम करेगा यह अनुबंध
अपोलो हेल्थकेयर लिमिटेड के सीईओ डॉ. एस. रामाकृष्णन वेंक्टेश्वरन ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की भारी आवश्यकता है। यह शैक्षणिक अनुबंध हेल्थ सेक्टर में मौजूद स्किल गैप को कम करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि अपोलो समूह पिछले 41 वर्षों से चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है तथा उसके अनुभव का लाभ अब वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भी मिलेगा।
डिमांड और सप्लाई के अंतर को कम करेगी साझेदारी
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि देश में हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि प्रशिक्षित विशेषज्ञों की उपलब्धता अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में अपोलो हेल्थकेयर और वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के बीच हुआ यह एमओयू स्वास्थ्य क्षेत्र में डिमांड और सप्लाई के बीच मौजूद अंतर को कम करने की प्रभावी पहल साबित होगा।
उन्होंने बताया कि अपोलो हेल्थकेयर समूह की देशभर में 120 से अधिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा इकाइयाँ संचालित हैं, जहां विद्यार्थियों को उत्कृष्ट क्लीनिकल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
विश्वस्तरीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स तैयार करेगा विश्वविद्यालय
कुलपति प्रो. (डॉ.) कृष्ण कांत दवे ने कहा कि अपोलो हेल्थकेयर के दशकों के अनुभव और आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञता का लाभ वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को मिलेगा। इससे विश्वविद्यालय विश्वस्तरीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स तैयार करने में सफल होगा, जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों की आवश्यकताओं को पूरा कर सकेंगे।
कार्यक्रम में रहे उपस्थित
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रधान सलाहकार प्रो. वी.पी.एस. अरोड़ा, समूह सलाहकार प्रो. आर.एस. शर्मा, कुलसचिव डॉ. पीयूष कुमार पाण्डेय, एडवाइजर डॉ. विष्णु शर्मा, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित जैन, डॉ. बी.एस. त्यागी, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. नीतू पंवार, डॉ. रीना जोशी, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. अरुण गोस्वामी, संस्थापक अध्यक्ष के कार्यकारी अधिकारी बालाजी मल्यप्पन, मेरठ परिसर के निदेशक डॉ. पंकज चौधरी तथा मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित विश्वविद्यालय एवं अपोलो हेल्थकेयर के अनेक वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद मौजूद रहे।
यह साझेदारी न केवल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी, बल्कि भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र को प्रशिक्षित और दक्ष हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।