आयकर विभाग की सेमिनार में मंडप संगठन के पदाधिकारी
मेरठ। आयकर विभाग ने सोमवार को मेरठ के वन फेरर होटल में मंडप एवं होटल व्यवसायियों के लिए एक विशेष जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार का उद्देश्य व्यवसायियों को नए आयकर अधिनियम-2025, टीडीएस (Tax Deducted at Source) के नवीन प्रावधानों तथा एसएफटी (Statement of Financial Transactions) से संबंधित नियमों की जानकारी देना और कर अनुपालन के प्रति जागरूक बनाना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मंडप एवं होटल व्यवसायियों ने भाग लिया। सेमिनार के दौरान आयकर विभाग के अधिकारियों ने कर नियमों का सरल भाषा में व्यावहारिक उदाहरणों के साथ विस्तार से समझाया तथा व्यवसायियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
नए आयकर अधिनियम-2025 और टीडीएस नियमों की दी जानकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयकर अधिकारी (TDS) ए. के. कौशिक ने नए आयकर अधिनियम-2025 के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यवसायी के लिए समय पर टीडीएस की कटौती, निर्धारित समय सीमा में उसका जमा होना तथा सही और समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि करदाता सभी आवश्यक अभिलेखों का उचित संधारण करते हैं और आयकर नियमों का पालन करते हैं, तो उन्हें अनावश्यक नोटिस, ब्याज और दंडात्मक कार्रवाई जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने व्यवसायियों से कर संबंधी सभी दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने और समय-समय पर नियमों में होने वाले बदलावों की जानकारी प्राप्त करने का भी आग्रह किया।
₹2 लाख या अधिक के नकद लेन-देन पर एसएफटी की अनिवार्यता
आयकर अधिकारी (I&CI) अनिल मेहरा ने एसएफटी (Statement of Financial Transactions) के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी एक लेन-देन में ₹2 लाख या उससे अधिक की नकद धनराशि प्राप्त होती है, तो निर्धारित परिस्थितियों में उसकी सूचना आयकर विभाग को एसएफटी के माध्यम से देना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि व्यवसायियों को सभी वित्तीय लेन-देन का सही रिकॉर्ड रखना चाहिए तथा पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही आयकर विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना भी आवश्यक है।
व्यवसायियों ने पूछे कई महत्वपूर्ण सवाल
सेमिनार के दौरान मंडप एवं होटल व्यवसायियों ने टीडीएस, एसएफटी, आयकर नोटिस, नकद लेन-देन, रिकॉर्ड संधारण, आयकर रिटर्न फाइलिंग, सर्वे एवं जांच प्रक्रिया सहित कर अनुपालन से जुड़े अनेक व्यावहारिक प्रश्न अधिकारियों के समक्ष रखे।
आयकर अधिकारियों ने प्रत्येक प्रश्न का विस्तार से उत्तर देते हुए सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से व्यवसायियों की शंकाओं का समाधान किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विभाग का उद्देश्य करदाताओं को परेशान करना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक बनाकर स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा देना है।
मेरठ मंडप एसोसिएशन ने रखीं व्यवसायियों की समस्याएं
मेरठ मंडप एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने मंडप एवं होटल व्यवसायियों की ओर से कर संबंधी विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं एवं शंकाओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि बदलते कर नियमों के बीच ऐसे जागरूकता कार्यक्रम व्यवसायियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी विभाग करदाताओं को जागरूक करने के लिए इसी प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि व्यवसायी नियमों का पालन करते हुए बिना किसी परेशानी के अपना व्यापार संचालित कर सकें।
भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित व्यवसायियों ने आयकर विभाग द्वारा आयोजित इस ज्ञानवर्धक सेमिनार की सराहना की और कहा कि समय-समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि नए कर नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी सीधे विशेषज्ञ अधिकारियों से प्राप्त हो सके।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर मेरठ मंडप एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल, कोषाध्यक्ष नवीन अग्रवाल, उपाध्यक्ष विकास मित्तल, राजेंद्र सिंह, अतुल जैन, सीए रमाकांत सहित बड़ी संख्या में मंडप एवं होटल व्यवसायी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु:
- नए आयकर अधिनियम-2025 के प्रावधानों की जानकारी दी गई।
- टीडीएस की समय पर कटौती और रिटर्न दाखिल करने पर जोर।
- ₹2 लाख या अधिक के नकद लेन-देन की एसएफटी रिपोर्टिंग की जानकारी।
- डिजिटल भुगतान और वित्तीय रिकॉर्ड के उचित संधारण की सलाह।
- व्यवसायियों की कर संबंधी समस्याओं का विशेषज्ञ अधिकारियों ने मौके पर समाधान किया।