कलानिधि नैथानी ( डी आई जी मेरठ परिक्षेत्र)
मेरठ। आगामी श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कलानिधि नैथानी के निर्देश पर मेरठ, बागपत, बुलंदशहर और हापुड़ जनपदों में कांवड़ ड्यूटी पर तैनात किए जाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवहारिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण देने के साथ-साथ पूरे कांवड़ मार्ग का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।
डीआईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पुलिस बल केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित न रहे, बल्कि श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशील, विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करे। इसके लिए सभी पुलिसकर्मियों को समूहवार प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।
पुलिस कर्मियों को मिलेगा व्यवहारिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को भीड़ प्रबंधन, आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, तनावपूर्ण परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने तथा कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा प्रत्येक पुलिसकर्मी को उसके ड्यूटी क्षेत्र के कांवड़ मार्ग, शिविरों, चिकित्सा केंद्रों, पेयजल व्यवस्था, पुलिस सहायता केंद्र, रूट डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तुरंत सहायता मिल सके।
कांवड़ मार्गों का व्यापक भौतिक सत्यापन
मेरठ परिक्षेत्र के सभी जनपदों में पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों और बीट पुलिस द्वारा कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान सड़क पर मौजूद गड्ढों, निर्माण सामग्री, अवरोधों तथा अन्य बाधाओं को चिन्हित कर संबंधित विभागों को उन्हें समय रहते ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क सुरक्षा के लिए 441 स्थान चिन्हित
निरीक्षण के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं वाले कुल 441 स्थानों की पहचान की गई है।
जनपदवार विवरण:
- मेरठ: 202 स्थान
- बुलंदशहर: 139 स्थान
- बागपत: 36 स्थान
- हापुड़: 64 स्थान
इन सभी स्थानों पर आवश्यक सुधार कार्य संबंधित विभागों द्वारा कराया जा रहा है।
विद्युत सुरक्षा पर विशेष फोकस
कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान झुके हुए बिजली के पोल, नीचे लटकते या खुले बिजली के तार, बिना बैरिकेडिंग वाले ट्रांसफार्मर तथा कांवड़ मार्ग के निकट स्थित विद्युत उपकरणों की पहचान कर बिजली विभाग एवं नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।
विद्युत सुरक्षा के लिए 673 संवेदनशील स्थान चिन्हित
परिक्षेत्र में कुल 673 संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया गया है।
जनपदवार विवरण:
- मेरठ: 141 स्थान
- बुलंदशहर: 249 स्थान
- बागपत: 187 स्थान
- हापुड़: 96 स्थान
इन सभी स्थानों पर आवश्यक सुधार कार्य तेजी से कराया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
श्रावण मास शुरू होने से पहले पूरे होंगे सभी कार्य
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सड़क और विद्युत सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य श्रावण मास प्रारंभ होने से पहले पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी को समूहवार व्यवहारिक प्रशिक्षण देने के बाद ही कांवड़ ड्यूटी पर तैनात किया जाए।
मेरठ परिक्षेत्र पुलिस का उद्देश्य इस वर्ष की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाना है, ताकि लाखों शिवभक्त बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।