रीना शर्मा (महानगर उपाध्यक्ष हाउस अरेस्ट)
मेरठ। ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार गर्माती जा रही है। इसी क्रम में शहर कांग्रेस कमेटी मेरठ की महानगर उपाध्यक्ष रीना शर्मा ने आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार तीसरे दिन भी पुलिस द्वारा उनके आवास पर ही रोक दिया गया और पीड़ित परिवार से मिलने नहीं जाने दिया गया।
रीना शर्मा का कहना है कि वह ललिता गौतम के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देने और न्याय की मांग के समर्थन में जाने वाली थीं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
“सरकार में डर साफ दिखाई दे रहा है”
रीना शर्मा ने अपने बयान में कहा कि सरकार का यह कदम उसकी घबराहट और विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, “सरकार में इतना डर देखकर खुशी भी हो रही है कि मुझे हाउस अरेस्ट कर दिया गया। रात 12 बजे तक मुझे रोके रखा गया। इतना डर उसी में होता है जो अपनी नाकामी को छिपाना चाहता है। ललिता गौतम को इंसाफ जरूर मिलेगा।”
“तीसरे दिन भी हाउस अरेस्ट किया गया”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार तीसरे दिन भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
रीना शर्मा ने कहा, “योगी सरकार की तानाशाही के चलते मुझे आज तीसरे दिन भी हाउस अरेस्ट किया गया, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। कोई हमारी आवाज को दबा नहीं सकता। हम छात्रों और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर रहेंगे।”
न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस का विरोध जारी
रीना शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ललिता गौतम हत्याकांड में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है। उनका कहना है कि पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को पीड़ित परिवारों से मिलने से रोकना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है और इससे जनता के बीच गलत संदेश जाता है।