विधि जागरूकता कार्यक्रम में सम्मानित करते नीरज कुमार प्राचार्य मेरठ कालेज
मेरठ। मेरठ कॉलेज के प्रोफेशनल डिपार्टमेंट के विधि विभाग में मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को विधि जागरूकता से संबंधित एक विशिष्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधि शिक्षा, कानूनी पेशे की जिम्मेदारियों, रोजगार की संभावनाओं और बदलते समय में तकनीक के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने विधि के विद्यार्थियों को अनुशासन, गंभीर अध्ययन और नई तकनीक के साथ स्वयं को भविष्य के लिए तैयार करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व डीन एवं विधि विभागाध्यक्ष प्रो. एससी गुप्ता मुख्य वक्ता रहे, जबकि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज सोनिका वर्मा विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रबंध समिति के सचिव विवेक कुमार गर्ग ने की। कार्यक्रम की संपूर्ण देखरेख प्रो. एसके मित्तल ने की, जबकि संचालन डॉ. रुनझुन बिश्नोई ने किया। अरविंद कुमार ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विधि का पेशा गंभीरता और जिम्मेदारी से जुड़ा : प्रो. एससी गुप्ता
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रो. एससी गुप्ता ने कहा कि विधि का पेशा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि गंभीरता और जिम्मेदारी से जुड़ा क्षेत्र है। कानून से जुड़े व्यक्ति के ऊपर समाज और न्याय व्यवस्था के प्रति महत्वपूर्ण दायित्व होता है। इसलिए विधि की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को शुरुआत से ही अनुशासन को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को विधि के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी देते हुए कहा कि कानून की शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए न्यायिक और अधिवक्ता क्षेत्र के अलावा सशस्त्र सेनाओं सहित विभिन्न सरकारी तथा अन्य सेवाओं में भी रोजगार के अवसर मौजूद हैं।
‘पहले दिन से ही ऑफिसर ऑफ द कोर्ट होता है अधिवक्ता’
प्रो. एससी गुप्ता ने अधिवक्ता के पेशे की विशिष्टता बताते हुए कहा कि एक अधिवक्ता अपने पेशे के पहले दिन से ही ‘ऑफिसर ऑफ द कोर्ट’ होता है। यह विधि व्यवसाय को अन्य क्षेत्रों से अलग पहचान प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को कानून की बारीकियों को समझने के साथ अपने आचरण और व्यावसायिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि विधि के क्षेत्र में सफलता के लिए केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को विषय का गहन अध्ययन करने, अनुशासित रहने और अपने पेशे की गरिमा को समझने की आवश्यकता है।
विधि का क्षेत्र व्यापक, रोजगार की अनेक संभावनाएं : सोनिका वर्मा
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज सोनिका वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विधि का क्षेत्र बेहद व्यापक है और इसमें रोजगार की अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। समय के साथ कानून और विधि के पेशे का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी पढ़ाई को केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने तक सीमित न रखें, बल्कि विषय को गंभीरता से समझें और भविष्य में मिलने वाले अवसरों के लिए अभी से स्वयं को तैयार करें। विधि की अच्छी समझ और लगातार अध्ययन विद्यार्थियों को भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने में सहायता कर सकता है।
तकनीक के साथ खुद को मजबूत बनाएं विद्यार्थी : प्रो. नीरज कुमार
मेरठ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. नीरज कुमार ने बदलते समय में तकनीक के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी परंपरागत पढ़ाई के साथ तकनीकी ज्ञान को भी मजबूत करें। भविष्य में अलग-अलग क्षेत्रों में तकनीक की भूमिका और अधिक बढ़ने वाली है, इसलिए विद्यार्थियों के लिए समय के साथ स्वयं को अपडेट रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नई तकनीक को समझने और उसका सही इस्तेमाल करने की क्षमता विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगी।
शिक्षा को गंभीरता से लें और कर्तव्यों का पालन करें : विवेक गर्ग
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रबंध समिति के सचिव विवेक कुमार गर्ग ने विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति गंभीर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने अधिकारों की जानकारी होने के साथ अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा का सदुपयोग करते हुए जिम्मेदारीपूर्वक आगे बढ़ने और अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर योगदान देने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को मिला विधि क्षेत्र में करियर का मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विधि के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों, अधिवक्ता के दायित्व, सरकारी सेवाओं में संभावनाओं, अनुशासन और तकनीकी ज्ञान के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही अपने भविष्य का लक्ष्य निर्धारित करने और उसके अनुरूप तैयारी करने की सलाह दी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रुनझुन बिश्नोई ने किया। इस अवसर पर मुख्य नियंता प्रो. पवन कुमार, प्रो. भूपेंद्र सिंह, प्रो. चंद्रशेखर भारद्वाज, अरविंद कुमार, डॉ. रवीश कुमार, डॉ. रेखा, डॉ. काजल वर्मा और डॉ. आशनी भार्गव सहित शिक्षक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।