नशा मुक्ति कार्यक्रम में शामिल लोग
मेरठ। नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 17 जून से 26 जून तक मनाए जा रहे नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत मंगलवार को क्षेत्रीय मद्य निषेध विभाग, मेरठ द्वारा दिल्ली रोड स्थित जागृति नशा मुक्ति केंद्र में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध जादूगर अरविंद का प्रेरणादायक मैजिक शो रहा, जिसके माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों और उससे मुक्ति के उपायों को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में केंद्र में भर्ती नशे से पीड़ित मरीजों, उनके परिजनों तथा केंद्र के स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जादूगर अरविंद ने अपने जादुई प्रदर्शनों के माध्यम से यह संदेश दिया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। उन्होंने मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेश देकर उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
जादू के माध्यम से दिया गया सामाजिक संदेश
मैजिक शो के दौरान जादूगर अरविंद ने कई रोचक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें देखकर उपस्थित दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। हंसी और मनोरंजन के बीच उन्होंने यह समझाने का प्रयास किया कि नशे की लत व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से कमजोर बना देती है तथा इससे परिवार की खुशियां भी प्रभावित होती हैं।
कार्यक्रम में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों ने जादू शो का आनंद लेते हुए नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने अपने जीवन को नशामुक्त रखने तथा अन्य लोगों को भी नशे के प्रति जागरूक करने का प्रण लिया।
“ना” कहना सीखें, नशे से बचाव का सबसे आसान तरीका
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोज साहनी, चीफ ब्रांच मैनेजर, बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने संबोधन में कहा कि नशे से बचने का सबसे प्रभावी और सरल उपाय है कि व्यक्ति गलत आदतों के लिए स्पष्ट रूप से “ना” कहना सीखे। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग यदि शुरुआत में ही नशे के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दे तो वह इस बुरी लत से बच सकता है।
उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र में चल रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज को नशे के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है।
क्षेत्रीय मद्य निषेध अधिकारी ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय मद्य निषेध अधिकारी उपदेश कुमार के निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों और जागृति नशा मुक्ति केंद्र के स्टाफ को नशामुक्ति की शपथ दिलाई।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि लोगों को नशे से बाहर निकालकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। इसके लिए लगातार विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
मरीजों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति केंद्र में उपचार प्राप्त कर रहे मरीजों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कई मरीजों ने बताया कि नशे की लत ने उनके जीवन और परिवार को किस प्रकार प्रभावित किया तथा उपचार के बाद उनके जीवन में किस प्रकार सकारात्मक बदलाव आया।
मरीजों की प्रेरणादायक कहानियों को सुनने के बाद क्षेत्रीय मद्य निषेध अधिकारी ने उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया। केंद्र में भर्ती चार मरीजों का चयन कर उन्हें उनकी प्रगति और सुधार के आधार पर रैंक प्रदान करते हुए शील्ड देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त कर मरीज और उनके परिजन भावुक और उत्साहित नजर आए।
समाज को नशामुक्त बनाने का आह्वान
कार्यक्रम में जागृति नशा मुक्ति केंद्र के निदेशक हसनैन जैदी, काउंसलर शैलेन्द्र सिंह सिसौदिया सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी स्तर पर नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के सहयोग से ही सफल हो सकती है।
कार्यक्रम में नितिन मल्होत्रा, जमालुद्दीन, हर्ष, शादाब सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
26 जून तक जारी रहेगा नशा मुक्त भारत सप्ताह
क्षेत्रीय मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नशा मुक्त भारत सप्ताह के अंतर्गत 26 जून तक विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, संगोष्ठियां और जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना है।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि लोगों को स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त जीवन की दिशा में प्रेरित करने का एक प्रभावी प्रयास भी साबित हुआ।