कलानिधि नैथानी ( डी आई जी मेरठ परिक्षेत्र )
मेरठ। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन साइ-वज्र (Operation Cy-Vajra)’ के तहत मेरठ परिक्षेत्र पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। सोमवार को मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) कलानिधि नैथानी ने भारत सरकार के संचार मंत्रालय (Department of Telecommunications-DoT) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम, पुलिस और दूरसंचार विभाग के बीच समन्वय तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में भारतीय दूरसंचार सेवा (ITS) के वरिष्ठ अधिकारी आदित्य सिंह सहित दूरसंचार विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान साइबर अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट साझा किए गए तथा उन्हें तत्काल प्रभाव से मेरठ रेंज के सभी जिलों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
फर्जी कॉल सेंटर चलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति फर्जी कॉल सेंटर, साइबर फ्रॉड नेटवर्क या अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों को ठगने का कार्य करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर उनकी अवैध संपत्तियों को भी कुर्क किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हाल ही में एक साइबर अपराधी की करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई है। भविष्य में भी ऐसे अपराधियों की अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई जारी रहेगी।
पांच दिनों में 435 शिकायतों का निस्तारण
ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत पिछले पांच दिनों में मेरठ रेंज पुलिस ने साइबर अपराध से जुड़े 435 मामलों का निस्तारण किया है। इन मामलों में 77 एफआईआर दर्ज की गईं तथा 65 आरोपियों को गिरफ्तार या नोटिस तामील कराया गया।
पुलिस द्वारा चेक विदड्रॉल, एटीएम कैश आउट, म्यूल अकाउंट, संदिग्ध मोबाइल नंबर और सिम बॉक्स से जुड़े मामलों पर विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की गई।
पांच लाख रुपये बरामद
अभियान के दौरान पुलिस ने साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि बैंक खाते में लेकर चेक के माध्यम से निकालने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से पांच लाख रुपये भी बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि ऐसे नेटवर्क की पहचान कर उनके पूरे गिरोह पर कार्रवाई की जा रही है।
मेरठ रेंज में जिलेवार कार्रवाई
ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत मेरठ रेंज के चार जिलों में निम्नलिखित कार्रवाई की गई—
मेरठ: 75 शिकायतों का निस्तारण, 26 एफआईआर, 36 आरोपियों की गिरफ्तारी/नोटिस।
बुलंदशहर: 298 शिकायतों का निस्तारण, 47 एफआईआर, 19 आरोपियों की गिरफ्तारी/नोटिस।
बागपत: 24 शिकायतों का निस्तारण, 2 एफआईआर, 9 आरोपियों की गिरफ्तारी/नोटिस।
हापुड़: 38 शिकायतों का निस्तारण, 2 एफआईआर, 1 आरोपी की गिरफ्तारी/नोटिस।
दूरसंचार विभाग की योजनाओं की सराहना
बैठक के दौरान डीआईजी ने दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित संचार साथी (Sanchar Saathi), सीईआईआर (CEIR), समन्वय पोर्टल, प्रतिबिंब पोर्टल और चक्षु (Chakshu) जैसी डिजिटल सेवाओं की सराहना की। उन्होंने सभी जनपदों को निर्देश दिए कि दूरसंचार विभाग से प्राप्त प्रत्येक पत्र पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा उसकी अलग पत्रावली तैयार की जाए।
साइबर ठगी रोकने के लिए DoT के नए कदम
दूरसंचार विभाग ने साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं।
टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (संशोधन) नियम-2025 के तहत मोबाइल नंबर वैलिडेशन (MNV) प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है, जिससे बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं में उपयोग होने वाले मोबाइल नंबरों का सत्यापन अधिक सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा।
इसके अलावा सोशल मीडिया, फिनटेक और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को भी निगरानी के दायरे में लाया गया है। संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर उनके टेलीकॉम आइडेंटिफायर तत्काल निलंबित किए जा सकते हैं।
आम नागरिक भी बन सकते हैं साइबर सुरक्षा के भागीदार
दूरसंचार विभाग ने नागरिकों से संचार साथी पोर्टल और चक्षु सुविधा का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील की है। इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोग अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, चोरी हुए मोबाइल फोन ब्लॉक कर सकते हैं तथा फर्जी कॉल, बैंक केवाईसी फ्रॉड, सरकारी अधिकारी बनकर ठगी, सेक्सटॉर्शन और फर्जी लॉटरी जैसे साइबर अपराधों की तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
सेकेंड हैंड मोबाइल बाजार पर भी सख्ती
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए अब सेकेंड हैंड मोबाइल बेचने वाले डीलरों के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। किसी भी मोबाइल फोन की दोबारा बिक्री से पहले उसके IMEI नंबर को ब्लैकलिस्टेड डेटाबेस से मिलान (स्क्रबिंग) करना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि चोरी या क्लोन किए गए मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
मेरठ परिक्षेत्र पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन ‘साइ-वज्र’ के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और डिजिटल माध्यम से लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।