छापेमारी के बाद बरामद अवैध पटाखे
परतापुर, ब्रह्मपुरी, रेलवे रोड और देहलीगेट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; गौरव मोहन से संबंधित गोदामों में छापेमारी, कई टन संदिग्ध रासायनिक पदार्थ और तैयार पटाखे मिले
मेरठ। दीपावली से पहले मेरठ पुलिस ने बिना वैध लाइसेंस के विस्फोटक/पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध रासायनिक पदार्थों और पटाखा निर्माण सामग्री के भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार, 9 सितंबर 2026 को थाना परतापुर, ब्रह्मपुरी, रेलवे रोड और देहलीगेट की संयुक्त पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए गौरव मोहन से संबंधित विभिन्न गोदामों से करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये कीमत की संदिग्ध रासायनिक सामग्री, तैयार पटाखे और पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में बरामद सामग्री का भंडारण बिना किसी वैध लाइसेंस या प्राधिकार के किया जाना सामने आया है। बरामद सामग्री को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और उसके स्रोत, खरीद-बिक्री, भंडारण तथा उपयोग से संबंधित पहलुओं की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

बिना लाइसेंस पटाखा सामग्री के खिलाफ चल रहा अभियान
मेरठ पुलिस के मुताबिक जनपद में विस्फोटक सामग्री और पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध रासायनिक पदार्थों की बिना लाइसेंस बिक्री, निर्माण और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और संबंधित क्षेत्राधिकारियों के पर्यवेक्षण में संदिग्ध दुकानों और गोदामों की सघन तलाशी एवं चेकिंग की जा रही है। इसी अभियान के तहत पुलिस को कुछ गोदामों में बड़ी मात्रा में पटाखा निर्माण से संबंधित सामग्री रखे होने की जानकारी मिली थी।
चार थानों की संयुक्त टीम ने की छापेमारी
सूचना के आधार पर थाना परतापुर, थाना ब्रह्मपुरी, थाना रेलवे रोड और थाना देहलीगेट की पुलिस टीमों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने गौरव मोहन पुत्र मोहन लाल अग्रवाल, निवासी 56 केसरगंज मंडी, गेट नंबर-1, थाना रेलवे रोड, मेरठ से संबंधित बताए जा रहे विभिन्न गोदामों में तलाशी और चेकिंग की। पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर गोदामों की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध रासायनिक पदार्थों के अलावा तैयार पटाखे और पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई।
रेलवे रोड क्षेत्र में कई टन संदिग्ध सामग्री मिली
रेलवे रोड थाना क्षेत्र में संबंधित गोदामों की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में विभिन्न प्रकार के संदिग्ध रासायनिक पदार्थ, तैयार स्काई शॉट, तैयार पटाखे तथा पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली छोटी-बड़ी नलियां बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार रेलवे रोड क्षेत्र से बरामद संदिग्ध रासायनिक पदार्थों का कुल वजन कई टन बताया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के तैयार पटाखे और अन्य निर्माण सामग्री भी बरामद की गई है। बरामद सामग्री में अलग-अलग प्रकार के पैकेटबंद पटाखे, तैयार स्काई शॉट, फुलझड़ी और अन्य पटाखा सामग्री शामिल बताई गई है। पुलिस ने सभी सामग्री को कब्जे में लेकर उसकी वैधता और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

देहलीगेट क्षेत्र में भी भारी मात्रा में सामग्री बरामद
इसी कार्रवाई के तहत थाना देहलीगेट क्षेत्र में गौरव मोहन से संबंधित बताए गए गोदाम से भी बड़ी मात्रा में संदिग्ध रासायनिक पदार्थ बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार यहां से फ्यूज वायर के अलावा विभिन्न प्रकार के पाउडर और अन्य रासायनिक पदार्थ मिले हैं, जिनका इस्तेमाल पटाखा निर्माण में किया जाता है। बरामद सामग्री की मात्रा और प्रकृति को देखते हुए पुलिस ने इसे जांच के दायरे में लिया है।
बरामद सामग्री की कीमत करीब 1.10 करोड़ रुपये
पुलिस के मुताबिक रेलवे रोड और देहलीगेट थाना क्षेत्रों से बरामद समस्त सामग्री की प्रारंभिक अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये है। इसमें संदिग्ध रासायनिक पदार्थों के साथ तैयार पटाखे और पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी शामिल है। पुलिस अब बरामद सामग्री की विस्तृत सूची, वास्तविक बाजार मूल्य और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे नमूने
बरामद संदिग्ध रासायनिक पदार्थों की वास्तविक प्रकृति की पुष्टि के लिए उनके नमूने फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद पदार्थों की वास्तविक प्रकृति क्या है और वे किन गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा सकते थे। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि बरामद सामग्री के स्रोत, उसकी खरीद, बिक्री, परिवहन, भंडारण और उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
लाइसेंस और दस्तावेजों की भी जांच
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने बरामद सामग्री के भंडारण के लिए किसी वैध लाइसेंस या प्राधिकार का अभाव पाया है। अब संबंधित व्यक्ति और गोदामों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री किसके माध्यम से खरीदी गई, कहां से लाई गई और इसके भंडारण के लिए कोई वैध अनुमति या लाइसेंस था अथवा नहीं।

खरीद-बिक्री और सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल
पुलिस की जांच केवल गोदामों से बरामदगी तक सीमित नहीं है। बरामद सामग्री के स्रोत और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सामग्री कहां से आई, इसकी खरीद-बिक्री में कौन लोग शामिल रहे और इसे किन स्थानों पर इस्तेमाल या सप्लाई किया जाना था। पुलिस बरामद सामग्री से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित लोगों से मिली जानकारी को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
आगे की कार्रवाई फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर
पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री के नमूने फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं। साथ ही लाइसेंस और अन्य वैधानिक दस्तावेजों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच और परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिनियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मेरठ पुलिस ने कहा है कि बिना लाइसेंस विस्फोटक अथवा पटाखा निर्माण सामग्री के भंडारण और इससे संबंधित गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप
दीपावली से पहले पटाखा निर्माण से संबंधित संदिग्ध रासायनिक पदार्थों और तैयार पटाखों की इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी ने स्थानीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। खास तौर पर बिना वैध लाइसेंस ऐसी सामग्री के भंडारण को पुलिस गंभीरता से ले रही है। अब जांच का मुख्य केंद्र यह रहेगा कि बरामद सामग्री का वास्तविक स्रोत क्या है, उसके भंडारण की वैधानिक स्थिति क्या थी और इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट और दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।