कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार का किया गया सम्मान
तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल में क्विज, भाषण प्रतियोगिता और फिल्म प्रदर्शन; विद्यार्थियों ने समसामयिक मुद्दों पर रखे विचार
मेरठ । चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल में शनिवार को साप्ताहिक कार्यक्रम ‘वीकेंड अभिव्यक्ति’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने क्विज और भाषण प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा निर्मित फिल्म ‘अर्जुन’ का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान, रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल, तार्किक सोच और समसामयिक विषयों के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।
ज्ञान के साथ कौशल और प्रतिभा का विकास जरूरी : प्रो. राकेश शर्मा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ एजुकेशन के डीन प्रो. राकेश कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को शिक्षा, मनोविज्ञान और भौतिकी के विभिन्न सिद्धांतों के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी के समग्र विकास के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। ज्ञान को व्यवहार में उतारने की क्षमता, कौशल का विकास और प्रतिभा को सही दिशा देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और प्रतिभा के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि ज्ञान किसी विषय के बारे में जानकारी देता है, जबकि कौशल उस ज्ञान को व्यवहार में प्रयोग करने की क्षमता विकसित करता है। वहीं प्रतिभा व्यक्ति की स्वाभाविक क्षमता होती है, लेकिन उसे निखारने के लिए निरंतर अभ्यास, अनुशासन और सही मार्गदर्शन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में इन तीनों का संतुलन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
सूचना के दौर में तथ्य और स्रोत की पहचान जरूरी
प्रो. शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय सूचनाओं की अधिकता का समय है। बाजार और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अच्छी-बुरी, उपयोगी और भ्रामक हर तरह की सामग्री उपलब्ध है। ऐसे में विद्यार्थियों को यह समझना होगा कि कौन-सी सूचना उपयोगी है और किसे नजरअंदाज करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी सूचना को आंख मूंदकर स्वीकार नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी सूचना को स्वीकार करने से पहले उसके स्रोत, तथ्यों और उद्देश्य को समझने का प्रयास करना चाहिए। एक जागरूक विद्यार्थी और जिम्मेदार मीडिया प्रोफेशनल वही है, जो सूचना और ज्ञान के बीच अंतर को समझता हो।
एआई को ज्ञान का विकल्प नहीं, उपयोगी साधन बनाएं
मुख्य अतिथि ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के बढ़ते प्रभाव पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि एआई शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए अनेक उपयोगी विकल्प उपलब्ध करा रहा है। इसकी मदद से अध्ययन सामग्री तैयार करने, जटिल विषयों को समझने, भाषा संबंधी कठिनाइयों को दूर करने, शोध कार्य में सहायता लेने और रचनात्मक क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि एआई को ज्ञान का विकल्प नहीं, बल्कि ज्ञान हासिल करने और अपनी क्षमता को बेहतर बनाने के साधन के रूप में इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग तभी सार्थक है, जब उसके साथ मानवीय विवेक, आलोचनात्मक सोच और नैतिक जिम्मेदारी भी बनी रहे।
वरिष्ठ पत्रकार ने साझा किए मीडिया के अनुभव
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सुंदर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार एवं हेड, लोकसत्ता डिजिटल विंग तथा तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल के पूर्व छात्र रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने मीडिया अनुभव साझा किए। उन्होंने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, डिजिटल मीडिया की चुनौतियों और इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यावहारिक पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया और अपने अनुभवों के माध्यम से उन्हें मीडिया क्षेत्र में लगातार सीखते रहने के लिए प्रेरित किया।
अतिथियों का किया गया स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत में तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि प्रो. राकेश कुमार शर्मा का बुके भेंट कर स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि सुंदर सिंह को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की।
क्विज प्रतियोगिता में गौतम रहे प्रथम
कार्यक्रम के दौरान आयोजित क्विज प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में गौतम ने प्रथम, अभिषेक नागर ने द्वितीय और खदीजा खान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाओं और विषय संबंधी जानकारी को परखा गया।
भाषण प्रतियोगिता में एआई से लेकर सड़क हादसों तक पर चर्चा
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न समसामयिक और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के लिए तीन प्रमुख विषय निर्धारित किए गए थे। इनमें ‘क्या एआई मनुष्य के जीवन के लिए खतरा है?’, ‘क्या हरियाणवी/पंजाबी गानों में हथियार, नशे और लग्जरी गाड़ियों के चित्रण से अपराध को बढ़ावा मिल रहा है?’ और ‘क्या युवाओं का स्पीड के प्रति मोह सड़क हादसों के लिए जिम्मेदार है?’ शामिल रहे। विद्यार्थियों ने इन विषयों पर अपने तर्क प्रस्तुत करते हुए तकनीक, समाज, अपराध, युवा व्यवहार और सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा। भाषण प्रतियोगिता में अनन्या वर्मा ने प्रथम, जिज्ञासा ने द्वितीय और सोहा खान ने तृतीय स्थान हासिल किया।
विद्यार्थियों की बनाई फिल्म ‘अर्जुन’ का प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित फिल्म ‘अर्जुन’ का भी प्रदर्शन किया गया। फिल्म के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, कहानी कहने की क्षमता और फिल्म निर्माण से जुड़े व्यावहारिक कौशल को प्रदर्शित किया गया। फिल्म प्रदर्शन विद्यार्थियों के लिए कक्षा में सीखे गए मीडिया और फिल्म निर्माण के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप में देखने का अवसर भी रहा। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और विद्यार्थियों ने फिल्म निर्माण से जुड़े प्रयासों की सराहना की।
विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। आयोजन का संचालन लवकुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. दीपिका वर्मा और निधि शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल के शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। ‘वीकेंड अभिव्यक्ति’ के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मकता, अभिव्यक्ति क्षमता, तर्कशील सोच और व्यावहारिक मीडिया कौशल को विकसित करने का मंच मिला