सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ से सजा मेरठ
सर्किट हाउस में विकसित भारत संकल्प सभा और प्रधानमंत्री का लाइव संबोधन; शहर के विभिन्न स्थानों पर महिलाओं और बच्चों ने बनाई आकर्षक रंगोलियां, विद्यालयों में मानव श्रृंखला से दिया सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश
मेरठ । ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बुधवार, 7 अक्टूबर को मेरठ में आयोजित कार्यक्रमों में सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत का संदेश प्रमुखता से दिखाई दिया। एक ओर सर्किट हाउस परिसर में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ और विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन हुआ, वहीं दूसरी ओर ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम के अंतर्गत महानगर के विभिन्न स्थानों पर महिलाओं, बच्चों और कार्यकर्ताओं ने रंगोलियां बनाकर अभियान के संदेश को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया। सर्किट हाउस के कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी और पश्चिम क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर की मौजूदगी रही।

सर्किट हाउस में जुटे कार्यकर्ता, बड़ी स्क्रीन पर सुना प्रधानमंत्री का संबोधन
भाजपा महानगर मेरठ की ओर से सर्किट हाउस परिसर में सेवा ज्योति यात्रा एवं विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव संबोधन बड़ी स्क्रीन पर सुना गया। मेरठ में यह आयोजन प्रधानमंत्री के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जुड़े ‘सेवा संकल्प अभियान’ की कड़ी में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर अपनी बात रखी। सर्किट हाउस के कार्यक्रम के बाद चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में तैयार विशाल रंगोली के अवलोकन का कार्यक्रम भी निर्धारित था। विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स ग्राउंड में 108×108 फीट की मेगा रंगोली तैयार की गई थी।
महानगर में जगह-जगह रंगों में उकेरा गया सेवा का संदेश
इसी अभियान की कड़ी में ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम के तहत मेरठ महानगर के विभिन्न स्थानों पर रंगोली कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजकों के अनुसार मातृशक्ति से जुड़ी महिलाओं और छोटे बच्चों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए अलग-अलग विषयों पर आकर्षक रंगोलियां तैयार कीं।

रंगोलियों में स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, विकसित भारत और राष्ट्र सेवा जैसे विषयों को स्थान दिया गया। कहीं प्राकृतिक सामग्री और रंगों का प्रयोग किया गया तो कहीं बच्चों एवं महिलाओं ने अपनी कल्पनाशीलता के माध्यम से सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना को चित्रों एवं रंगों में उतारा।
विद्यालयों में बच्चों ने बनाई मानव श्रृंखला
कार्यक्रम की विशेषता विद्यालयों में आयोजित मानव श्रृंखला आधारित रंगोली रही। छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से अलग-अलग आकृतियां बनाकर एकता और जनभागीदारी का संदेश दिया। बच्चों की सामूहिक भागीदारी के जरिए यह बताने का प्रयास किया गया कि विकसित भारत के निर्माण में नई पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण है।

अभियान के व्यापक स्वरूप में भी ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ के तहत मानव श्रृंखला और प्राकृतिक स्वरूप की रंगोलियों के जरिए विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया है।
मंदिरों में प्राकृतिक रंगों से सजी रंगोलियां
महानगर के मंदिरों और अन्य स्थानों पर प्राकृतिक रंगों एवं फूलों का उपयोग करते हुए रंगोलियां तैयार की गईं। महिलाओं ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रंगोलियों के माध्यम से स्वच्छता, प्रकृति संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों को रचनात्मक स्वरूप दिया गया।
आयोजकों के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य केवल रंगोली बनाना नहीं, बल्कि कला के माध्यम से लोगों को सेवा और सामाजिक सहभागिता के संदेश से जोड़ना रहा। रंगोली कार्यक्रम में बच्चों से लेकर महिलाओं तक की भागीदारी ने इसे सामुदायिक आयोजन का स्वरूप दिया।

सीमा श्रीवास्तव के संयोजन में हुआ आयोजन
मेरठ महानगर में आयोजित रंगोली कार्यक्रमों की सफलता पर अभियान से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी गई। आयोजकों की ओर से अभियान की संयोजिका सीमा श्रीवास्तव, सह-संयोजिका डॉली गुप्ता, मुक्ता जैन और इंदु वत्स सहित कार्यक्रम से जुड़े कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना की गई।
आयोजन से जुड़े लोगों ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी से ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ की अवधारणा को जमीन पर साकार करने का प्रयास किया गया। रंगोली, मानव श्रृंखला और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से सेवा भावना को समाज के बीच पहुंचाने का संदेश दिया गया।
CCSU की 108×108 फीट की रंगोली ने बढ़ाया अभियान का आकर्षण
मेरठ में अभियान का एक प्रमुख आकर्षण चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स ग्राउंड में बनाई गई 108×108 फीट की विशाल रंगोली भी रही। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार इसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जोड़ते हुए तैयार किया गया और इसमें विकसित भारत सहित विभिन्न विषयों को कलात्मक स्वरूप दिया गया।
इस तरह 7 अक्टूबर को मेरठ में सर्किट हाउस की सेवा ज्योति यात्रा और विकसित भारत संकल्प सभा, विश्वविद्यालय की मेगा रंगोली तथा महानगर के अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित रंगोली और मानव श्रृंखला कार्यक्रम एक ही अभियान के विभिन्न स्वरूप के रूप में सामने आए। आयोजनों में सेवा, सामाजिक सहभागिता और विकसित भारत के संकल्प को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।