प्रदीप कुमार अग्रवाल अध्यक्ष, मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन
मेरठ। शहर की प्रतिष्ठित सर्राफा व्यापारिक संस्था मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन ने संस्था के नाम को लेकर उत्पन्न हो रहे भ्रम पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए मीडिया से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। संस्था का कहना है कि नाम की समानता के कारण व्यापारियों और आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है, जिससे उसकी वर्षों पुरानी पहचान और साख प्रभावित हो सकती है।
संस्था की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन की स्थापना वर्ष 1940 में हुई थी और वर्तमान में यह एक पंजीकृत संस्था है। पिछले लगभग 80 वर्षों से संस्था सर्राफा व्यापारियों के हितों की रक्षा, व्यापार से जुड़े मुद्दों के समाधान तथा संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती आ रही है। संस्था ने इस लंबे सफर में मीडिया द्वारा मिले सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संस्था के संज्ञान में आया है कि “मेरठ बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन” नाम से भी एक अन्य संगठन कार्यरत है। दोनों संस्थाओं के नामों में समानता होने के कारण कई बार समाचारों, सूचनाओं और सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। संस्था का कहना है कि इस स्थिति से व्यापारियों के साथ-साथ आम नागरिकों के बीच भी गलतफहमी पैदा हो रही है और इससे उसकी पहचान प्रभावित होने की आशंका है।
इसी को देखते हुए मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन ने सभी मीडिया संस्थानों, पत्रकारों और समाचार माध्यमों से अनुरोध किया है कि संस्था के नाम से जारी होने वाली किसी भी प्रेस विज्ञप्ति, सूचना या बयान को प्रकाशित अथवा प्रसारित करने से पहले उसके अधिकृत पदाधिकारियों से सत्यापित अवश्य कर लें।
संस्था का मानना है कि तथ्यात्मक सत्यापन से न केवल भ्रम की स्थिति समाप्त होगी, बल्कि दोनों संस्थाओं की अलग-अलग पहचान भी स्पष्ट बनी रहेगी और समाचारों में किसी प्रकार की गलतफहमी की संभावना नहीं रहेगी।
प्रेस विज्ञप्ति में संस्था ने सभी मीडिया प्रतिनिधियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा है कि समाचारों के प्रकाशन में संस्था के सही नाम और अधिकृत जानकारी का उपयोग किया जाए, ताकि सर्राफा व्यापारियों एवं आम जनता के बीच किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो।