चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में आयोजित योग शिविर कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुनील भराला का सम्मान करती वी सी संगीता शुक्ला
मेरठ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के निवर्तमान राज्य मंत्री पंडित सुनील भराला ने मुख्य रूप से सहभागिता करते हुए योगाभ्यास किया और उपस्थित जनसमूह को योग के महत्व से अवगत कराया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम में सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान पंडित सुनील भराला ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली एक वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से संतुलित और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। वर्तमान समय की व्यस्त जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सभी योग साधकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप आज योग ने वैश्विक स्तर पर एक जन-आंदोलन का स्वरूप धारण कर लिया है। विश्व के अनेक देशों में योग को अपनाया जा रहा है और भारत की यह प्राचीन परंपरा पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और शांति का संदेश दे रही है।
पंडित सुनील भराला ने कहा कि योग को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित लोगों से प्रतिदिन योग करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, निरोग और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस अवसर पर उन्होंने आचार्य श्री करमवीर जी महाराज द्वारा मेरठ में आयोजित सात दिवसीय योग शिविर एवं योग जागरूकता अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने सफल आयोजन के लिए आचार्य करमवीर जी महाराज और उनकी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल योग के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करता नजर आया।