नवाचार से नई उड़ान कार्यक्रम में छात्राओं ने प्रस्तुत किए समस्याओं के समाधान
मेरठ। रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, मेरठ में छात्राओं के बीच नवाचार, रचनात्मक सोच और उद्यमिता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से “नवाचार से नई उड़ान: समस्या से समाधान तक” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शासन के पत्रांक 2833/2026-2027 के सापेक्ष सेवा संकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में महाविद्यालय की करीब 40 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
सामाजिक और दैनिक जीवन की समस्याओं के सुझाए समाधान
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. कुमकुम पारीक के संरक्षण एवं निर्देशन में किया गया। प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने सामाजिक, पर्यावरणीय, शैक्षिक और दैनिक जीवन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की पहचान करते हुए उनके अभिनव और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए। छात्राओं ने अपने प्रस्तावों के माध्यम से रचनात्मक सोच, तकनीकी समझ और समस्या समाधान की क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत कई विचार ऐसे रहे, जिन्हें भविष्य में उपयोगी उत्पाद, सेवा अथवा स्टार्टअप के रूप में विकसित किए जाने की संभावना बताई गई। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि समस्याओं को केवल चुनौती के रूप में देखने के बजाय उनमें नए अवसर और नवाचार की संभावनाएं तलाशनी चाहिए।
‘आइडिया टू इनोवेशन’ और ‘इनोवेशन टू स्टार्टअप’ पर जोर
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य छात्राओं को ‘Idea to Innovation’ और ‘Innovation to Startup’ की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि युवा मस्तिष्क में उत्पन्न होने वाली नई और रचनात्मक सोच भविष्य के विकास की आधारशिला बन सकती है। शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाशीलता को वास्तविक और उपयोगी समाधान में बदलने का अवसर प्रदान करते हैं।
इसके साथ ही छात्राओं को आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतिभागियों से कहा गया कि वे प्रतियोगिता तक ही अपने विचारों को सीमित न रखें, बल्कि अपने नवाचार प्रस्तावों पर आगे भी काम करें। उपयोगी प्रस्तावों को विकसित करने के लिए मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग प्रदान करने पर भी जोर दिया गया।
इनोवेशन काउंसिल ने दी कार्यक्रम की जानकारी
कार्यक्रम में आरजीपीजी इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल की प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. दीक्षा यजुर्वेदी ने आयोजन एवं इसके उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर महाविद्यालय की आईआईसी कोऑर्डिनेटर प्रो. सोनिका चौधरी, छात्र कल्याण परिषद की डीन प्रो. अनु रस्तोगी तथा स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर डॉ. पूनम लता सिंह उपस्थित रहीं।
नवाचार प्रस्ताव प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका प्रो. सोनिका चौधरी और प्रो. अमिता शर्मा ने निभाई। निर्णायकों ने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों का मूल्यांकन करते हुए उनकी रचनात्मकता और समस्या के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने की क्षमता को परखा।
हिमांशी भड़ाना प्रथम, दरक्षा द्वितीय और अदीबा तृतीय
प्रतियोगिता के परिणामों में हिमांशी भड़ाना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि दरक्षा ने द्वितीय और अदीबा ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं श्रुति को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। विजेता एवं प्रतिभागी छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए भविष्य में अपने नवाचार संबंधी विचारों को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का संदेश रहा—“समस्या पहचानें, समाधान सोचें और नवाचार से नई उड़ान भरें।” आयोजन के माध्यम से छात्राओं को समस्याओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और अपने विचारों को नवाचार एवं स्टार्टअप में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम की जानकारी मीडिया प्रभारी प्रो. सुनीता एवं डॉ. पूनम लता सिंह की ओर से दी गई। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. निवेदिता कुमारी हैं।