जिला अधिकारी को रक्षासूत्र बांधती गुरुकुल की छात्रा
मेरठ, 25 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर श्रीमद् दयानंद उत्कर्ष आर्य कन्या गुरुकुल की ओर से जिलाधिकारी आवास पहुंचकर जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल को रक्षा सूत्र बांधकर उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई। इस अवसर पर गुरुकुल की प्रबंध निदेशक आचार्य रश्मि आर्या, प्रधानाचार्य डॉ. अलका शास्त्री एवं व्यवस्थापक डॉ. गुलशन मौजूद रहे।
वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बांधा रक्षा सूत्र
रक्षाबंधन के अवसर पर गुरुकुल की आचार्य रश्मि आर्या ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान दोनों अधिकारियों के उत्तम स्वास्थ्य, यश, समृद्धि एवं निरंतर उन्नति के लिए मंगलकामना की गई।
कार्यक्रम के दौरान रक्षा सूत्र को वैदिक परंपरा में स्नेह, सुरक्षा, कर्तव्य, सद्भाव और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताते हुए रक्षाबंधन पर्व के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
रक्षाबंधन सामाजिक दायित्व और सद्भाव का पर्व: आचार्य रश्मि आर्या
आचार्य रश्मि आर्या ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प तक सीमित पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में परस्पर सम्मान, सहयोग, सेवा और दायित्व की भावना को मजबूत करने का संदेश भी देता है।
उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति सम्मान और शुभेच्छा व्यक्त करना भी इसी सामाजिक भावना का हिस्सा है। रक्षा सूत्र आपसी विश्वास, स्नेह और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रतीक है।
गुरुकुल के कार्यों की अधिकारियों ने की सराहना
इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने गुरुकुल परिवार को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। दोनों अधिकारियों ने बालिकाओं की शिक्षा, संस्कार निर्माण और समाजसेवा के क्षेत्र में श्रीमद् दयानंद उत्कर्ष आर्य कन्या गुरुकुल द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
अधिकारियों ने कहा कि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक दायित्व की भावना से जोड़ना समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रसेवा में निरंतर सफलता की कामना
गुरुकुल परिवार की ओर से जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, यश, समृद्धि एवं राष्ट्रसेवा में निरंतर सफलता की कामना की गई। साथ ही सभी के सुख, शांति, समृद्धि एवं कल्याण के लिए मंगल प्रार्थना की गई।
रक्षाबंधन के इस अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम वैदिक परंपरा, सामाजिक सद्भाव और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति सम्मान की भावना का सुंदर उदाहरण रहा। कार्यक्रम में स्नेह, सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश प्रमुखता से सामने आया।