तीज क्वीन बाएं से दाएं आरती गुप्ता, आयुषी गर्ग, हिमांशी सिंह
मेरठ। सावन के पावन महीने में हरियाली, लोक संस्कृति और भारतीय परंपराओं का उत्सव हरियाली तीज शास्त्री नगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मेरठ में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय की सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति ‘स्वर संगम’ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में महिला अध्यापिकाओं ने पारंपरिक परिधानों में सजकर गीत, नृत्य, हास्य नाटिका, कविता, शायरी और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और नारी शक्ति के महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा। हरियाली तीज के अवसर पर विद्यालय परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी झालरों और झूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। परिसर का वातावरण पूरी तरह सावन के रंग में रंगा नजर आया।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़े ऐसे आयोजन विद्यार्थियों और शिक्षिकाओं में संस्कार, एकता, आत्मविश्वास तथा अपनी संस्कृति के प्रति गौरव की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में भी हमारी पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
हरे परिधानों में सजीं महिला अध्यापिकाएं
हरियाली तीज के अवसर पर विद्यालय की महिला अध्यापिकाओं ने विशेष उत्साह दिखाया। सभी शिक्षिकाएं हरे रंग के पारंपरिक परिधानों, चूड़ियों और मेहंदी से सजी नजर आईं। सावन के गीतों और तीज के झूलों के बीच विद्यालय परिसर का माहौल उत्सवमय हो गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सावन के मधुर लोकगीतों से हुई। महिला अध्यापिकाओं ने कजरी, सावन के पारंपरिक लोकगीतों के साथ-साथ बॉलीवुड और पारंपरिक गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। गीत-संगीत की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
हास्य नाटिका ने गुदगुदाया
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद हास्य नाटिका और लघु नाटिका का मंचन किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को खूब हंसाया और पूरे कार्यक्रम में मनोरंजन का रंग भर दिया। इसके अलावा चुटकुले, शायरी, कविता और गजल की प्रस्तुतियों ने भी खूब तालियां बटोरीं।
सरप्राइज गेम और प्रश्नोत्तरी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में आयोजित एक मिनट के ‘सरप्राइजिंग गेम’ और प्रश्नोत्तरी ने सभी का विशेष ध्यान आकर्षित किया। महिला अध्यापिकाओं ने खेलों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मनोरंजन के साथ-साथ प्रश्नोत्तरी में ज्ञानवर्धक सवालों के जवाब देकर प्रतिभागियों ने उपहार भी जीते।
खेल प्रतियोगिताओं के दौरान हंसी और तालियों से पूरा सभागार गूंजता रहा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इन गतिविधियों का जमकर आनंद लिया।
कल्पना चौरसिया और भावना गोस्वामी ने किया कुशल संचालन
कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती कल्पना चौरसिया एवं भावना गोस्वामी ने किया। दोनों ने अपने प्रभावी वक्तव्य और कुशल मंच संचालन से कार्यक्रम को लगातार जीवंत बनाए रखा। उनके संचालन की उपस्थित लोगों ने सराहना की।
तीन शिक्षिकाओं का ‘तीज क्वीन’ के लिए चयन
कार्यक्रम के समापन चरण में ‘तीज क्वीन’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसकी थीम पंजाबी, राजस्थानी और गुजराती पारंपरिक परिधान एवं नृत्य रखी गई थी। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के परिधान, प्रस्तुति और नृत्य के आधार पर आरती गुप्ता, आयुषी गर्ग और हिमांशी सिंह का तीज क्वीन के लिए चयन किया गया।
विजेताओं को तीज की रानी का ताज पहनाकर सम्मानित किया गया। ताज पहनने के बाद विजेताओं ने अपनी आकर्षक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
विद्यालय स्टाफ का रहा विशेष योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता, श्रीमती गीता अग्रवाल, श्रीमती सीमा श्रीवास्तव सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा। सभी के सामूहिक प्रयासों से हरियाली तीज का कार्यक्रम यादगार बन सका।
कार्यक्रम में सुधा गुप्ता, कविता अग्रवाल, प्राची गुप्ता, ममता गुप्ता, कल्पना गुप्ता, शर्मिष्ठा भाटी, सीमा गोयल, कोकिला सहित कई गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं। अतिथियों ने कार्यक्रम की प्रस्तुतियों और आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
भारतीय परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में आयोजन की संयोजिका श्रीमती अंजलि अग्रवाल ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति ‘स्वर संगम’ भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत रखने का प्रयास करती रहेगी।
हरियाली तीज के इस आयोजन ने न केवल महिला अध्यापिकाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच दिया, बल्कि विद्यालय परिसर में भारतीय संस्कृति, लोक परंपरा, आपसी सौहार्द और उल्लास का सुंदर वातावरण भी तैयार किया। सावन के गीतों, झूलों, मेहंदी, पारंपरिक परिधानों और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच आयोजित यह कार्यक्रम सभी के लिए यादगार बन गया।