शैंकी वर्मा (महानगर अध्यक्ष, मेरठ व्यापार मंडल)
मेरठ, 23 अगस्त 2026। इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ के निलंबन की कार्रवाई को लेकर मेरठ व्यापार मंडल ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे एक कदम जरूर बताया, लेकिन कार्रवाई को पर्याप्त नहीं माना है। व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी मामले में पुलिसकर्मियों द्वारा कानून अपने हाथ में लेकर मारपीट और कथित बर्बरता की गई है, तो केवल निलंबन तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है।
निलंबन के साथ मुकदमा दर्ज करने की मांग
शैंकी वर्मा ने कहा कि संबंधित मामले में जिन पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आती है, उनके खिलाफ निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। जांच में यदि मारपीट या कानून का उल्लंघन करने की पुष्टि होती है तो उनके खिलाफ उसी आधार पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि निलंबन विभागीय कार्रवाई का हिस्सा है, लेकिन यदि किसी व्यक्ति के साथ आपराधिक कृत्य हुआ है तो उसके लिए कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़नी चाहिए।

कानून सभी के लिए समान होना चाहिए
मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला केवल एक पुलिस अधिकारी के निलंबन से समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समाज में कानून के प्रति विश्वास तभी मजबूत होगा, जब यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि कानून सभी के लिए समान है, चाहे सामने आम नागरिक हो या वर्दीधारी पुलिसकर्मी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी आम नागरिक पर मारपीट या कानून का उल्लंघन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जाता है, तो कानून की मर्यादा का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी नियमानुसार उसी कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
दोहरे मापदंड के खिलाफ व्यापार मंडल
शैंकी वर्मा ने कहा कि व्यापार मंडल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की मांग नहीं कर रहा है। संगठन की मांग केवल इतनी है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि न्याय में दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं किया जा सकता।
पीड़ितों को न्याय और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
व्यापार मंडल ने मांग की कि मामले में कथित रूप से पीड़ित लोगों को न्याय मिलना चाहिए और यदि जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका दोषपूर्ण पाई जाती है तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। संगठन ने पूरी कार्रवाई को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने की मांग की है।
जनता का विश्वास कायम करना जरूरी
शैंकी वर्मा ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास कानून-व्यवस्था की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है। किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच और समान कानूनी कार्रवाई से ही जनता को यह भरोसा होता है कि कानून वास्तव में सभी के लिए समान है। उन्होंने कहा कि संबंधित मामले में पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई होने से ही जनता का पुलिस और कानून-व्यवस्था पर विश्वास दोबारा मजबूत हो सकेगा।
उन्होंने दोहराया कि व्यापार मंडल की मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच, समान कानून और पीड़ितों को न्याय के सिद्धांत पर आधारित है।