नवरात्र के पावन अवसर पर दुर्लभ पौधों का किया गया रोपण
मेरठ। नवरात्र के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेरठ कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग ने दुर्लभ पौधों के रोपण और शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया। कॉलेज के अवैतनिक सचिव विवेक कुमार गर्ग और प्राचार्य प्रो. नीरज कुमार ने कल्पवृक्ष, गोंद कतीरा, सिंदूर, गार्डेनिया लैटीफोलिया और कुंभी सहित दुर्लभ प्रजातियों के पौधे रोपित किए।
वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने पौधों की विविधता को सुरक्षित रखने और नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया। इन दुर्लभ पौधों को डॉ. यशवंत राय, आईपी कॉलेज, बुलंदशहर की ओर से उपलब्ध कराया गया।
दुर्लभ वनस्पतियों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
विवेक कुमार गर्ग ने कहा कि दुर्लभ पौधों का संरक्षण आवश्यक है, क्योंकि प्रकृति और मानव जीवन का गहरा संबंध है। उन्होंने विलुप्ति की ओर बढ़ रही वनस्पतियों को बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने वाले अतिथियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में प्रो. हरजिंदर सिंह ने विद्यार्थियों को दुर्लभ पौधों की विशेषताओं और उनके औषधीय तथा आर्थिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कल्पवृक्ष की पर्यावरणीय महत्ता बताते हुए गोंद कतीरा, बेंत और सिंदूर के उपयोगों से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि अनेक उपयोगी वृक्षों की संख्या घट रही है, इसलिए उनका संरक्षण जरूरी है।
संजय वन में विद्यार्थियों ने देखीं स्थानीय वनस्पतियां
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों ने संजय वन अनुसंधान केंद्र, रिठानी का शैक्षणिक भ्रमण किया। केंद्र के प्रभारी विकिल कुमार ने उन्हें वहां मौजूद पेड़-पौधों और स्थानीय वनस्पतियों की जानकारी दी। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने हरड़, बहेड़ा, जंगली बादाम, वरुण, हरसिंगार, चिरायता, घोस्ट ट्री, सेमल, महुआ, लसोड़ा और रक्त चंदन सहित अनेक प्रजातियों का अवलोकन किया।
भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को जैव विविधता, वन पारिस्थितिकी और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण का व्यावहारिक अनुभव देना था। इससे उन्हें कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को प्रकृति के प्रत्यक्ष अध्ययन से जोड़ने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का आयोजन प्रो. हरजिंदर सिंह, प्रो. नूपुर प्रसाद और प्रो. अनुराधा सिंह के निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर रोहित, तनिष्का, निशा, नेहा, रहनुमा और रुकैया सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे।