लाठी चार्ज और गिरफ्तारी के विरोध में एसपी सिटी को ज्ञापन सौंपते समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता
मेरठ। दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी नेताओं के विरोध-प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
समाजवादी पार्टी की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की आवाज़ का सम्मान किया जाना चाहिए तथा किसी भी कार्रवाई को संविधान और कानून की मर्यादा के अनुरूप, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया है कि पूरे प्रकरण का निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए और संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
यह ज्ञापन समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव श्री विपिन चौधरी द्वारा प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन पर पार्टी के कई पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर भी हैं, जिनमें नेहा गौड़, डॉ. संदीप, मोनू सैनी, निरंजन सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल बताए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के निकट विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया था। इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।
समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है। वहीं, इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का सिलसिला जारी है।