कलानिधि नैथानी (डीआईजी मेरठ परिक्षेत्र)
मेरठ। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र में व्यापक पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इस बार जन्माष्टमी का मुख्य पर्व 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। पर्व के दौरान मंदिरों, धार्मिक स्थलों, बाजारों, मेलों, झांकियों और शोभायात्राओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।
मेरठ परिक्षेत्र के अंतर्गत मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जनपदों में कुल 3,500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, निरीक्षक, उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी, आरक्षी, होमगार्ड और पीआरडी जवानों के साथ पीएसी की तैनाती भी की गई है।
24 जोन, 81 सेक्टर और 60 QRT संभालेंगी सुरक्षा
पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरे मेरठ परिक्षेत्र को 24 जोन और 81 सेक्टर में बांटा गया है। इसके अलावा किसी भी आकस्मिक स्थिति से तत्काल निपटने के लिए 60 क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी तैनात की गई हैं।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों, मंदिरों, शोभायात्रा मार्गों और भीड़ वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
104 शोभायात्राओं पर रहेगी पुलिस की नजर
मेरठ परिक्षेत्र में जन्माष्टमी के अवसर पर कुल 104 शोभायात्राएं प्रस्तावित हैं। इनमें मेरठ में 14, बुलंदशहर में 36, बागपत में 28 और हापुड़ में 26 शोभायात्राएं शामिल हैं।
शोभायात्राओं के मार्गों का संबंधित थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों द्वारा पहले से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी मार्ग पर विवाद या अन्य समस्या सामने आती है तो उसका संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय कर समय रहते समाधान कराने को कहा गया है।
39 संवेदनशील स्थान किए गए चिन्हित
शोभायात्राओं के मार्गों पर कुल 39 संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं। इनमें मेरठ में 11, बुलंदशहर में 16, बागपत में 1 और हापुड़ में 11 संवेदनशील स्थान शामिल हैं।
इन स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
303 मंदिरों में होंगे जन्माष्टमी कार्यक्रम
मेरठ परिक्षेत्र के चारों जिलों में कुल 303 मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इनमें मेरठ के 186, बुलंदशहर के 44, बागपत के 35 और हापुड़ के 38 मंदिर शामिल हैं।
मंदिरों में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
28 अन्य कार्यक्रम और भंडारों की भी तैयारी
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों के अलावा अन्य स्थानों पर भी कार्यक्रम और भंडारों का आयोजन किया जाएगा। चारों जिलों में ऐसे 28 कार्यक्रम/भंडारे प्रस्तावित हैं। इनमें मेरठ में 2, बुलंदशहर में 20, बागपत में 4 और हापुड़ में 2 कार्यक्रम शामिल हैं।
83 एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय
महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेरठ परिक्षेत्र में 83 एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय किए गए हैं। इनमें मेरठ में 32, बुलंदशहर में 28, बागपत में 12 और हापुड़ में 11 स्क्वॉड शामिल हैं।
पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि मेलों, मंदिरों और कार्यक्रम स्थलों पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़, झपटमारी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आयोजकों और धर्मगुरुओं के साथ की गईं बैठकें
पुलिस प्रशासन ने जन्माष्टमी से पहले विभिन्न स्तरों पर बैठकें और गोष्ठियां आयोजित कर तैयारियों की समीक्षा की है। परिक्षेत्र के जनपदों में पीस कमेटी, धर्मगुरुओं, शांति समितियों और संभ्रांत व्यक्तियों के साथ 118 गोष्ठियां की गई हैं।
इसके अलावा नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत सहित अन्य विभागों के साथ 108 बैठकें तथा कार्यक्रम आयोजकों और संचालकों के साथ 106 गोष्ठियां आयोजित की जा चुकी हैं।
मटकी फोड़ कार्यक्रम में सुरक्षा के विशेष इंतजाम
जन्माष्टमी के दौरान आयोजित होने वाले मटकी फोड़ कार्यक्रमों को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल लगाने के साथ आयोजकों से सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय करने को कहा गया है।
जहां आवश्यक हो, वहां सुरक्षा जाल सहित अन्य उपायों की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
शोभायात्रा मार्गों पर ढीले बिजली तारों की होगी जांच
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शोभायात्रा और झांकियों के मार्गों पर ढीले या नीचे लटक रहे विद्युत तारों को विद्युत विभाग के सहयोग से समय रहते ठीक कराया जाए।
साथ ही जिन मार्गों पर झांकियां निकाली जानी हैं, उनका पहले से निरीक्षण करने और संभावित समस्याओं का समाधान कराने को कहा गया है।
CCTV और वीडियोग्राफी से होगी निगरानी
जन्माष्टमी के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों, झांकियों और मेलों को यथासंभव CCTV कैमरों की निगरानी में रखने के निर्देश दिए गए हैं। जहां पहले से CCTV कैमरे लगे हैं, वहां उनकी कार्यशीलता की जांच कराने को कहा गया है।
इसके साथ ही प्रमुख झांकियों, मेलों और अन्य कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नई या विवादित परंपरा की अनुमति नहीं
पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी नई अथवा विवादित परंपरा को अनुमति न दी जाए। यदि ऐसी कोई सूचना सामने आती है तो नियमानुसार तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया है।
इसके अलावा पूर्व में विवाद या साम्प्रदायिक संवेदनशीलता से जुड़ी घटनाओं की समीक्षा कर संबंधित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और डायवर्जन प्लान
जन्माष्टमी के शुभ मुहूर्त पर प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भारी भीड़ जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए संभावित भीड़ का पहले से आकलन कर बैरिकेडिंग सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा गया है।
यदि शोभायात्रा या झांकियों के कारण किसी मार्ग पर यातायात डायवर्ट किया जाता है तो वैकल्पिक मार्गों का पहले से निरीक्षण करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर
जन्माष्टमी के दौरान सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस को भ्रामक, आपत्तिजनक या साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट के संबंध में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अफवाह फैलाने वाले अथवा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया है।
हर छोटी सूचना को गंभीरता से लेने के निर्देश
पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने सभी जनपद प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी छोटी से छोटी सूचना को गंभीरता से लिया जाए। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करे, ताकि कोई छोटी घटना आगे चलकर बड़ा विवाद न बन सके।
उन्होंने स्थानीय स्तर पर पुलिस अधिकारियों को बीट, थाना और सर्किल स्तर पर लगातार संवाद बनाए रखने तथा शांति एवं साम्प्रदायिक सौहार्द कायम रखने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस लाइनों में भी मनाई जाएगी जन्माष्टमी
मेरठ परिक्षेत्र के सभी जनपदों की पुलिस लाइनों में भी जन्माष्टमी का पर्व परंपरागत रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। पुलिस परिवारों के बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं।
चार जिलों में रहेगी विशेष निगरानी
मेरठ परिक्षेत्र में जन्माष्टमी को लेकर पुलिस की तैयारियां मुख्य रूप से मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ में केंद्रित रहेंगी। शोभायात्राओं, मंदिरों, मेलों, झांकियों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ QRT, एंटी रोमियो स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा जाएगा।
पुलिस प्रशासन का उद्देश्य जन्माष्टमी पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है।