स्थापना दिवस पर आयोजित गोष्ठी में शामिल सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकार एवं संवाददाता
मेरठ। सोशल मीडिया आज केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं को प्रशासन और समाधान तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। इसकी पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक है और इसने आम नागरिक को अपनी बात रखने की अभूतपूर्व शक्ति प्रदान की है। यह विचार सोशल मीडिया स्थापना दिवस के अवसर पर मेरठ के कचहरी स्थित जिला पंचायत कार्यालय कैंटीन में आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने व्यक्त किए।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, चिकित्सा, विधिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने भाग लिया और सोशल मीडिया की वर्तमान भूमिका, उसकी उपयोगिता तथा समाज में उसके बढ़ते प्रभाव पर अपने विचार साझा किए।
लोकतंत्र की मजबूती में सोशल मीडिया की अहम भूमिका
गोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सोशल मीडिया का महत्वपूर्ण योगदान है। आज इंटरनेट और मोबाइल से जुड़ा प्रत्येक व्यक्ति अपनी बात समाज और शासन तक पहुंचाने में सक्षम है। सोशल मीडिया ने आम नागरिक को अपनी आवाज बुलंद करने का ऐसा मंच दिया है, जहां उसकी बात कुछ ही क्षणों में लाखों लोगों तक पहुंच सकती है।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया केवल सूचना साझा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनजागरूकता, जनसंपर्क और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावशाली उपकरण बन चुका है। इसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं, जिससे उनके समाधान की प्रक्रिया भी तेज हुई है।
दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया बाजार बना भारत
गोष्ठी में बताया गया कि भारत आज दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया उपयोगकर्ता देशों में शामिल है। लगभग 50 करोड़ (500 मिलियन) से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। शिक्षा, व्यवसाय, राजनीति, सामाजिक सेवा और जनसंपर्क सहित लगभग हर क्षेत्र में सोशल मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
वक्ताओं ने कहा कि आज सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने विचार, योजनाएं और चुनावी अभियान जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग करते हैं। वहीं विद्यार्थी भी अध्ययन सामग्री प्राप्त करने और नई जानकारी हासिल करने के लिए सोशल मीडिया का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रहे हैं।
संगठन में ही शक्ति है : रवि कुमार बिश्नोई
सोशल मीडिया संगठन के संस्थापक अध्यक्ष रवि कुमार बिश्नोई ने संगठन के गठन और उसकी यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि लगभग 16 वर्ष पूर्व इस संगठन की स्थापना की गई थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय यह भारत का पहला और विश्व का दूसरा सोशल मीडिया संगठन था।
उन्होंने संगठन की शक्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी कुत्ते पर पत्थर फेंका जाए तो वह भाग जाता है, लेकिन यदि मधुमक्खियों के छत्ते पर पत्थर मारा जाए तो सभी मधुमक्खियां संगठित होकर प्रतिक्रिया देती हैं। इसी प्रकार समाज में संगठन की शक्ति सबसे बड़ी ताकत होती है और संगठित होकर ही बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
उन्होंने सभी सदस्यों से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग तक उसकी उपयोगिता पहुंचाने का आह्वान किया।
पद्मश्री शीशराम और अभिनेता गिरीश थापर हुए सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान पद्मश्री शीशराम को साफा पहनाकर, दुपट्टा ओढ़ाकर तथा तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें सर्वसम्मति से सोशल मीडिया संगठन का संरक्षक भी घोषित किया गया।
इसके अलावा फिल्म अभिनेता गिरीश थापर का भी साफा, दुपट्टा और तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मान किया गया। उपस्थित लोगों ने दोनों सम्मानित हस्तियों का जोरदार स्वागत करते हुए उनके सामाजिक योगदान की सराहना की।
इन गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एम.के. बंसल ने की, जबकि संचालन सोशल मीडिया संगठन के संस्थापक अध्यक्ष रवि कुमार बिश्नोई ने किया।
इस अवसर पर श्रीमती पूनम गर्ग, श्रीमती नताशा वर्मा, श्रीमती प्रिया रस्तोगी, चौधरी यशपाल सिंह, नईम अहमद, नरेश दत्त, सुरेंद्र कुमार शर्मा, प्रदीप सेठी, दीपक शर्मा, डॉ. गैलेंद्र शर्मा, संदीप जैन, नरेंद्र जैन, सरजीत कपूर, कोमल सिंह, महेंद्र उपाध्याय, अनिल कुमार बिश्नोई, एडवोकेट डॉ. सुधाकर आशावादी, मुकेश गुप्ता, ऋषि शर्मा, उदित रस्तोगी, एडवोकेट हर्षवर्धन बिट्टन, संस्था के महामंत्री अंकित बिश्नोई सहित बड़ी संख्या में संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में श्री पवन बंसल ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया। गोष्ठी का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सोशल मीडिया संगठन समाज के अंतिम व्यक्ति तक अपनी पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाएगा तथा जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर समाज और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाता रहेगा।