अफजाल सैफी ( नेता समाज वादी पार्टी )
मेरठ। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मेरठ नगर निगम के पूर्व पार्षद दल नेता तथा महानगर समाजवादी पार्टी के पूर्व उपाध्यक्ष अफजाल सैफी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे छात्र-युवा शक्ति, इंडिया गठबंधन और समाजवादी पार्टी के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों के व्यापक आंदोलन और लोकतांत्रिक दबाव के कारण केंद्र सरकार को झुकना पड़ा।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में अफजाल सैफी ने कहा कि यह घटनाक्रम देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की ताकत को दर्शाता है। उनके अनुसार देश संविधान और कानून के अनुसार चलना चाहिए तथा छात्र-युवाओं ने अपने शांतिपूर्ण संघर्ष के माध्यम से अपनी शक्ति का एहसास कराया है।
उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्र-युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी एकजुटता ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
अफजाल सैफी ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक जैसी घटनाएं देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती हैं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी केवल तत्कालीन शिक्षा मंत्री तक सीमित नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार भी जवाबदेह है। उन्होंने प्रधानमंत्री से भी नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
प्रेस विज्ञप्ति में अफजाल सैफी ने छात्र आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं के परिवारों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता तथा प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कथित पेपर लीक प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और समावेशी बनाने के लिए सरकार को व्यापक सुधार लागू करने चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और छात्रों का विश्वास परीक्षा प्रणाली में बना रहे।