पुतला फूंकने के दौरान पुलिस ने प्रदीप कसाना पर कसा शिकंजा
मेरठ, 4 अक्टूबर 2026। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मेरठ में प्रदर्शन किया। सपा नेता जाहिद त्यागी और प्रदीप कसाना के नेतृत्व में कार्यकर्ता मेरठ कमिश्नरी क्षेत्र में एकत्र हुए और केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पुतला फूंके जाने से पहले ही उसे अपने कब्जे में ले लिया।
कमिश्नरी पर जुटे सपा कार्यकर्ता
सपा कार्यकर्ता कमिश्नरी क्षेत्र में एकत्र होकर चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा नेताओं ने कहा कि उनका विरोध चुनाव व्यवस्था से जुड़े सवालों और आगामी चुनावों को पारदर्शी तरीके से कराने की मांग को लेकर है।

पुतला फूंकने से पहले पुलिस ने लिया कब्जे में
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने की तैयारी की। हालांकि, पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए पुतला फूंके जाने से पहले ही उसे अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जारी रखा।
इस दौरान मौके पर पुलिस की मौजूदगी रही और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित रखने के लिए निगरानी की गई।
चुनाव प्रक्रिया को लेकर सपा नेताओं ने उठाए सवाल
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में ज्ञानेश कुमार के चुनाव आयुक्त बनने के बाद देश में हुए विभिन्न चुनावों को लेकर विपक्ष की ओर से कई सवाल उठाए गए हैं। नेताओं का दावा है कि विपक्ष ने कई बार चुनाव आयोग के समक्ष चुनाव प्रक्रिया से संबंधित मुद्दे उठाए, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।
सपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ चुनावों को लेकर विभिन्न स्तरों पर अनियमितताओं के सवाल उठते रहे हैं और इन पर चुनाव आयोग की ओर से स्पष्ट स्थिति सामने रखी जानी चाहिए।
मतदाता सूची और एसआईआर प्रक्रिया पर भी जताई आपत्ति
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने मतदाता सूची से संबंधित एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची से जुड़े मामलों में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानों पर जातिगत आधार पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

सपा नेताओं के अनुसार, विपक्ष की ओर से इन मामलों से संबंधित शिकायतें और दस्तावेज चुनाव आयोग के समक्ष रखे जा चुके हैं। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से बाहर न किया जाए।
फॉर्म-6 को लेकर भी उठाए सवाल
सपा नेताओं ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने से संबंधित फॉर्म नंबर-6 को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में चुनाव आयोग के समक्ष कई सवाल रखे गए हैं, लेकिन उनका अपेक्षित जवाब नहीं मिल पाया।
सपा नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में जनता के बीच विश्वास बनाए रखा जाए। उन्होंने आगामी चुनावों को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से कराने की मांग दोहराई।
इस्तीफा नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक पार्टी कार्यकर्ता इसी तरह विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
सपा नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा किए जाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ईशु पूठा, रितिक कंडा सहित अन्य सपा कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।