वायु प्रदूषण एवं स्वास्थ्य पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता
मेरठ। बढ़ते वायु प्रदूषण और उसके स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों को लेकर शनिवार को मेरठ में एक महत्वपूर्ण जनजागरूकता अभियान चलाया गया। मेरठ फोरम फॉर क्लीन एयर (Meerut Forum for Clean Air – MFFCA) की पहल पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) मेरठ एवं एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज, मेरठ के संयुक्त सहयोग से स्वच्छ वायु और बेहतर स्वास्थ्य को समर्पित दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों, स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।
इस अभियान का उद्देश्य वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे के प्रति समाज को जागरूक करना, चिकित्सा समुदाय की भूमिका को मजबूत बनाना तथा स्वच्छ वायु को जनआंदोलन का स्वरूप देना था।
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में पोस्टर जागरूकता अभियान
कार्यक्रम की शुरुआत एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में आयोजित पोस्टर डिसेमिनेशन कार्यक्रम से हुई। इस दौरान “वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य” विषय पर तैयार किए गए जागरूकता पोस्टरों का वितरण चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के बीच किया गया।
कार्यक्रम में लंग केयर फाउंडेशन (Lung Care Foundation) एवं डॉक्टर्स फॉर क्लीन एयर एंड क्लाइमेट एक्शन (Doctors for Clean Air and Climate Action – DFCA) मुख्यालय की ओर से अंशिका कंसल और हृतिका गोगिया ने वायु प्रदूषण से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण अब केवल पर्यावरण का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। इसका सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा श्वसन एवं हृदय रोग से पीड़ित लोगों पर पड़ता है।
विशेषज्ञों ने चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे केवल उपचार तक सीमित न रहकर मरीजों और समाज को स्वच्छ वायु के महत्व तथा प्रदूषण से बचाव के उपायों के प्रति भी जागरूक करें।
आईएमए हॉल में ‘एयर पॉल्यूशन एंड हेल्थ पॉलिसी ब्रीफ’ का विमोचन
इसके बाद आईएमए हॉल, मेरठ में “Air Pollution and Health Policy Brief” का औपचारिक विमोचन किया गया। इस अवसर पर वायु प्रदूषण से उत्पन्न स्वास्थ्य चुनौतियों, उनके समाधान, नीतिगत सुझावों तथा भविष्य की रणनीतियों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईएमए मेरठ की अध्यक्ष डॉ. मनीषा त्यागी ने कहा कि स्वच्छ वायु प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की जिम्मेदारी केवल बीमारियों का उपचार करना नहीं, बल्कि लोगों को प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति जागरूक करना भी है।
उन्होंने ऐसे जन-जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सा समुदाय को समाज के साथ मिलकर स्वच्छ वातावरण के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में श्वसन रोग, हृदय रोग, एलर्जी, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का बोझ तेजी से बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि चिकित्सा समुदाय, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा।
स्वच्छ वायु को जनआंदोलन बनाने का संकल्प
मेरठ फोरम फॉर क्लीन एयर (MFFCA) लगातार चिकित्सकों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और प्रशासन को एक साझा मंच पर लाकर स्वच्छ वायु को जनआंदोलन बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि लोगों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना भी है।
डॉ. संदीप जैन और डॉ. सुमित उपाध्याय के नेतृत्व में चला अभियान
इस अभियान का नेतृत्व डॉ. संदीप जैन (चेयरमैन) और डॉ. सुमित उपाध्याय (प्रोजेक्ट लीडर) ने किया। कार्यक्रम को एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं स्टाफ, आईएमए मेरठ की अध्यक्ष डॉ. मनीषा त्यागी, प्रेसिडेंट-इलेक्ट डॉ. आलोक अग्रवाल, डॉ. विजय सिंह, आईएमए सचिव डॉ. विकास गुप्ता सहित मेरठ के अनेक वरिष्ठ चिकित्सकों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छ वायु केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लोगों को प्रदूषण के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करने के साथ-साथ उन्हें स्वच्छ वातावरण के निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करते हैं। मेरठ में आयोजित यह पहल पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।