स्कूलों में चला विशेष पॉक्सो जागरूक अभियान
मेरठ। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों एवं जिला न्यायाधीश मेरठ श्री अरविन्द कुमार मिश्रा-द्वितीय के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेरठ की ओर से गांधी जयंती के अवसर पर जनपद के विभिन्न विद्यालयों में विशेष विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत छात्र-छात्राओं को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो अधिनियम) के महत्वपूर्ण प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों और कानूनी संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई।
कई विद्यालयों में आयोजित हुए विधिक जागरूकता शिविर
अभियान के प्रथम चरण के तहत 1 अक्टूबर 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मेरठ श्री नीरज कुशवाहा ने नवभारत इंटर कॉलेज, परतापुर में विशेष विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया। वहीं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेरठ सुश्री सोनिका वर्मा ने सोफिया गर्ल्स स्कूल, मेरठ कैंट और के.एल. इंटरनेशनल स्कूल, गढ़ रोड मेरठ में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी।
शिविरों में बच्चों को बालकों के प्रति होने वाले लैंगिक अपराधों से सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों और ऐसे अपराधों के संबंध में कानून में निर्धारित परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
गुड टच और बैड टच के बारे में किया जागरूक
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित शिविर में बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार का अनुचित स्पर्श या असहज व्यवहार महसूस होता है तो वे डरने या संकोच करने के बजाय तत्काल अपने माता-पिता, अभिभावक, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।

बच्चों को घर और विद्यालय में स्वयं को सुरक्षित रखने के तरीकों के बारे में भी जागरूक किया गया। साथ ही किसी असहज, संदिग्ध या आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस सहायता नंबर 112 और नालसा हेल्पलाइन 15100 के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान बच्चों को जागरूकता संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए।
ड्राइंग प्रतियोगिता के जरिए दिया बाल सुरक्षा का संदेश
पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता को और प्रभावी एवं रचनात्मक बनाने के उद्देश्य से के.एल. इंटरनेशनल स्कूल में बाल सुरक्षा और पॉक्सो अधिनियम विषय पर ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और चित्रों के माध्यम से बाल सुरक्षा एवं जागरूकता का संदेश प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता में कक्षा 8 की छात्रा कुमारी राजसी सिंह ने प्रथम स्थान, कक्षा 7 की कुमारी लावण्या ने द्वितीय स्थान और कक्षा 7 की कुमारी आरना बंसल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता छात्राओं को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
अन्य विद्यालयों में भी न्यायिक अधिकारियों ने दी कानूनी जानकारी
अभियान के तहत जिले के अन्य विद्यालयों में भी न्यायिक अधिकारियों की ओर से विशेष विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। द्वितीय सिविल जज (सीनियर डिवीजन) मेरठ श्रीमती प्रज्ञा सिंह-द्वितीय ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, माधवपुरम में छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी।
विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मेरठ श्रीमती नाहिद सुल्ताना ने जसवंत मिल्स इंटर कॉलेज, मलियाना में छात्राओं को बाल सुरक्षा एवं उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। वहीं प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मेरठ श्रीमती नम्रता सिंह ने श्रीमती सुशीला देवी वनस्थली बालिका इंटर कॉलेज, परतापुर में जागरूकता शिविर आयोजित किया।
इसके अलावा अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन), न्यायालय संख्या-02 मेरठ श्रीमती गंगा शर्मा ने एस.एस.वी. इंटर कॉलेज, मुरलीपुर में छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम और बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण बनाने पर जोर
जागरूकता अभियान का उद्देश्य बच्चों को पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी संरक्षण की जानकारी देना रहा। शिविरों में बच्चों को किसी भी अनुचित या असहज परिस्थिति में चुप न रहने तथा समय रहते भरोसेमंद व्यक्ति या संबंधित सहायता तंत्र से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस अभियान के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित, जागरूक और भयमुक्त वातावरण तैयार करने तथा बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।