मानक लेखन प्रतियोगिता में विजय प्रतिभागियों को सम्मानित करते मुकुंद बल्लभ शर्मा
मेरठ, 6 अक्टूबर। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), गाजियाबाद शाखा कार्यालय के तत्वावधान में डीएन इंटर कॉलेज, मेरठ में स्कूल बैग विषय पर मानक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए स्कूल बैग से जुड़े मानकों पर अपने विचार लिखे। प्रतियोगिता में रूद्रांश सैनी और मोनिरूल मलिक ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया। विजेता छात्र-छात्राओं को नकद पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रधानाचार्य डॉ. सुशील कुमार ने की BIS के कार्यक्रमों की सराहना
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सुशील कुमार एवं भारतीय मानक ब्यूरो के संदर्भ व्यक्ति मुकन्द वल्लभ शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। प्रधानाचार्य डॉ. सुशील कुमार ने भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विद्यार्थियों के बीच आयोजित किए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक हैं और उन्हें दैनिक जीवन में गुणवत्ता एवं मानकों के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
विद्यार्थियों को बताया ISI मार्क का महत्व
विद्यालय के मेंटोर नीरज चंद्रा ने विद्यार्थियों को भारतीय मानक ब्यूरो के महत्व और दैनिक जीवन में ISI मार्क की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानक लेखन जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के भीतर गुणवत्ता के प्रति जागरूकता विकसित करती हैं। इसके माध्यम से विद्यार्थी यह समझ पाते हैं कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा का उनके जीवन से कितना गहरा संबंध है।
स्कूल बैग के मानकों और सुरक्षा की दी जानकारी
भारतीय मानक ब्यूरो के संदर्भ व्यक्ति मुकन्द वल्लभ शर्मा ने विद्यार्थियों को स्कूल बैग के लिए निर्धारित भारतीय मानकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्कूल बैग के वजन, उसके बाहरी खोल की गुणवत्ता, अंदरूनी बनावट और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझाया।
उन्होंने बताया कि स्कूल बैग की बनावट और गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए, जिससे उसे पीठ पर लेकर चलने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। विद्यार्थियों को उत्पाद खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों पर भी ध्यान देने के लिए जागरूक किया गया।
BIS CARE App से असली ISI मार्क की पहचान के बताए तरीके
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को BIS CARE App के माध्यम से असली ISI मार्क की पहचान करने की विधि के बारे में भी बताया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि मानक और गुणवत्ता के प्रति जागरूक रहकर वे बेहतर उत्पाद का चयन कर सकते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र से ही गुणवत्ता, सुरक्षा और मानकीकरण के प्रति जागरूक करना रहा।
नीरज चंद्रा के संयोजन में संपन्न हुई प्रतियोगिता
कार्यक्रम का संयोजन विद्यालय के मेंटोर नीरज चंद्रा ने किया। उनके नेतृत्व में प्रतियोगिता का संचालन किया गया। विद्यार्थियों ने स्कूल बैग से संबंधित मानकों पर अपने विचार प्रस्तुत किए और प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक रामेश्वर सिंह, कुलदीप कुमार राठी, संजीव हरित, युवराज शर्मा तथा उप प्रधानाचार्य रवेन्द्र यादव सहित विद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
रूद्रांश सैनी और मोनिरूल मलिक को मिला 1500 रुपये का प्रथम पुरस्कार
प्रतियोगिता के समापन पर विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। रूद्रांश सैनी और मोनिरूल मलिक ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 1500 रुपये का पुरस्कार दिया गया। नेहा लक्ष्य और अरीब मुनम ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर 1000 रुपये, जबकि भानू चौधरी और यश तंवर ने तृतीय स्थान हासिल कर 750 रुपये का पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावा सुधीर को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 250 रुपये प्रदान किए गए। सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
भारतीय मानक ब्यूरो का जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के मेंटोर नीरज चंद्रा ने प्रतियोगिता के आयोजन और विद्यार्थियों को मानकों एवं गुणवत्ता के प्रति जागरूक करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो, गाजियाबाद शाखा कार्यालय का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि दैनिक जीवन में उपयोग किए जाने वाले उत्पादों को चुनते समय गुणवत्ता, सुरक्षा और निर्धारित मानकों की जानकारी रखना आवश्यक है।