गन्ना विभाग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी दक्षता बढ़ाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने गन्ना समितियों एवं गन्ना विकास परिषदों के वित्तीय और लेखा प्रबंधन को अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए एक अत्याधुनिक ऑनलाइन ऑडिट मॉड्यूल विकसित किया है। इसके माध्यम से अब समितियों एवं परिषदों के कार्यों की ऑनलाइन निगरानी और लेखा-परीक्षण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा एवं शासन के निर्देशों के अनुपालन में विकसित इस नई प्रणाली का उद्देश्य वित्तीय अनुशासन को मजबूत करना, लेखा प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। विभाग द्वारा इस मॉड्यूल के संचालन हेतु नामित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।
ऑनलाइन मॉड्यूल से होगी ऑडिट प्रक्रिया की निगरानी
गन्ना एवं चीनी विभाग द्वारा विकसित इस ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण और लेखा परीक्षण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। जब कोई चार्टर्ड अकाउंटेंट किसी गन्ना समिति या गन्ना विकास परिषद का भौतिक निरीक्षण करेगा, तो निरीक्षण से संबंधित निष्कर्ष, टिप्पणियां, अनियमितताएं और अनुपालन संबंधी विवरण सीधे ऑनलाइन प्रणाली में अपलोड किए जाएंगे।
इस व्यवस्था से विभागीय अधिकारी वास्तविक समय में निरीक्षण की स्थिति और प्रगति की निगरानी कर सकेंगे। साथ ही वित्तीय लेन-देन, अभिलेखों की शुद्धता तथा वैधानिक अनुपालनों की समीक्षा भी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
ऑनलाइन मॉड्यूल के सफल संचालन के लिए विभाग ने सभी नामित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मॉड्यूल संचालन, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, अभिलेख परीक्षण, ऑडिट चेकलिस्ट तैयार करने, फोटो अपलोडिंग, जियो-टैगिंग तथा ऑनलाइन अनुपालन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
विभाग का मानना है कि तकनीक आधारित इस नई व्यवस्था से गन्ना समितियों और परिषदों की लेखा प्रणाली अधिक उत्तरदायी और पारदर्शी बनेगी तथा वित्तीय अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल के आंकड़ों का होगा सत्यापन
गन्ना विभाग ने किसानों से संबंधित आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण पहल की है। विभागीय आयुक्त ने बताया कि 20 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक पूरे प्रदेश में एक विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान के दौरान स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर दर्ज गन्ना क्षेत्रफल संबंधी आंकड़ों का मिलान भू-राजस्व अभिलेखों से किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से किसानों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और सरकारी अभिलेखों का तुलनात्मक परीक्षण किया जाएगा।
शिकायत वाले क्षेत्रों पर रहेगी विशेष निगरानी
विभाग ने उन क्षेत्रों को विशेष रूप से चिन्हित किया है जहां पिछले वर्ष गन्ना क्षेत्रफल, सर्वेक्षण अथवा अभिलेखों को लेकर अधिक शिकायतें प्राप्त हुई थीं। ऐसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी और सत्यापन की व्यवस्था की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की विसंगति को समय रहते दूर किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से गन्ना सर्वेक्षण और किसानों से संबंधित आंकड़ों की विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा योजनाओं का लाभ सही पात्र किसानों तक पहुंच सकेगा।
जनप्रतिनिधियों का भी लिया जाएगा सहयोग
अभियान की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए गन्ना विकास समितियों के अध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय स्तर के संबंधित व्यक्तियों का भी सहयोग लिया जाएगा। विभाग का मानना है कि जनसहभागिता से सत्यापन प्रक्रिया अधिक प्रभावी और निष्पक्ष बनेगी।
अभियान पूरा होने के बाद जिला स्तर के अधिकारी कार्य की प्रमाणिकता की पुष्टि करते हुए प्रमाण-पत्र भी जारी करेंगे। इसके अतिरिक्त किसानों की गन्ना प्रजाति, क्षेत्रफल और अन्य अभिलेखीय विसंगतियों से संबंधित शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।
सुशासन और वित्तीय अनुशासन की दिशा में बड़ा कदम
गन्ना आयुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार गन्ना विभाग में सुशासन, वित्तीय अनुशासन और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑनलाइन ऑडिट मॉड्यूल और डिजिटल सत्यापन प्रणाली के लागू होने से गन्ना समितियों एवं गन्ना विकास परिषदों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता का नया अध्याय शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न केवल विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी बनाएगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत करेगी और गन्ना विकास से जुड़ी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।