हस्तिनापुर के राजकीय आश्रम के बच्चों के साथ मेरठ के जिलाधिकारी डॉ वी के सिंह
मेरठ, 23 अगस्त 2026। हस्तिनापुर स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में रविवार को जिलाधिकारी वी.के. सिंह ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर उनकी पढ़ाई, रुचियों, पसंद-नापसंद और विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी का बच्चों के बीच सहज अंदाज देखकर विद्यालय का माहौल भी आत्मीय हो गया।
बच्चों से पूछे पढ़ाई से जुड़े सवाल
जिलाधिकारी ने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी लेते हुए पहाड़े सुने और सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल भी पूछे। उन्होंने बच्चों से यह जानने का प्रयास किया कि पढ़ाई के दौरान उन्हें किन विषयों में अधिक रुचि है और विद्यालय में रहते हुए उन्हें किन समस्याओं या आवश्यकताओं का सामना करना पड़ता है। बच्चों ने भी बिना किसी संकोच के अपनी बातें जिलाधिकारी के सामने रखीं।
खाने की गुणवत्ता और बच्चों की पसंद भी जानी
निरीक्षण के दौरान डीएम ने बच्चों से विद्यालय में मिलने वाले भोजन के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि विद्यालय में खाने में क्या-क्या मिलता है और बच्चों को इनमें से कौन सा भोजन सबसे अधिक पसंद है। बच्चों ने अपनी पसंद के बारे में बताया। जिलाधिकारी ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और विद्यालय में रहने वाले बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इसके बाद जिलाधिकारी वी.के. सिंह और अन्य अधिकारियों ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। अधिकारियों को अपने बीच बैठकर भोजन करते देखकर बच्चों में भी उत्साह और सहजता दिखाई दी। जिलाधिकारी ने इस दौरान बच्चों के साथ आत्मीय बातचीत करते हुए उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास किया।
284 बच्चे पंजीकृत, 200 से अधिक मिले उपस्थित
विद्यालय के वार्डन ने जिलाधिकारी को बताया कि राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में कुल 284 बच्चे पंजीकृत हैं। निरीक्षण के समय 200 से अधिक बच्चे विद्यालय में उपस्थित मिले। रक्षाबंधन के कारण कुछ बच्चे अवकाश लेकर अपने घर गए हुए हैं। जिलाधिकारी ने विद्यालय में मौजूद बच्चों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बरसात के बाद बनेगी विद्यालय तक जाने वाली सड़क
डीएम ने विद्यालय तक पहुंचने वाली सड़क की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात समाप्त होने के बाद विद्यालय तक जाने वाली सड़क के निर्माण की कार्रवाई शुरू कराई जाए, ताकि बच्चों, शिक्षकों और विद्यालय आने-जाने वाले अन्य लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
हर महीने खाद्य सुरक्षा टीम करेगी भोजन की जांच
विद्यालय में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिए कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम प्रत्येक महीने विद्यालय का निरीक्षण करे और बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराना है।
विद्यालय की जरूरतों का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि विद्यालय में आवश्यक सुविधाओं और वस्तुओं का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालय की जरूरतों का आकलन कर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि यहां रहने वाले बच्चों को बेहतर शैक्षिक एवं आवासीय वातावरण मिल सके।
अधिकारी महीने में कम से कम एक दिन बच्चों के बीच बिताएं
डीएम वी.के. सिंह ने अधिकारियों को बच्चों से निरंतर संवाद स्थापित करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी रुचि और विशेषज्ञता के विषय के अनुसार महीने में कम से कम एक बार विद्यालयों में जाकर बच्चों को पढ़ाएं और उनके साथ संवाद करें। उन्होंने कहा कि बच्चों का विकास केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है। उनके मानसिक और शारीरिक विकास के लिए संवाद, प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और अपनापन भी बेहद आवश्यक है।
निरीक्षण से सामने आया संवेदनशील प्रशासन का संदेश
हस्तिनापुर के आश्रम पद्धति विद्यालय में रविवार को हुए निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी का बच्चों के बीच बैठना और उनके साथ भोजन करना प्रशासनिक निरीक्षण से आगे बढ़कर संवेदनशीलता का संदेश देता नजर आया। उन्होंने केवल विद्यालय की कमियों और व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के बजाय यह समझने पर जोर दिया कि वहां रहने वाले बच्चों को वास्तव में किन सुविधाओं की आवश्यकता है और वे विद्यालय के वातावरण को किस तरह अनुभव कर रहे हैं।
डीएम ने बच्चों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए अधिकारियों को उनकी जरूरतों के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उनके इस संवाद से बच्चों को यह संदेश मिला कि उनकी पढ़ाई, सुविधाओं और समस्याओं को लेकर प्रशासन गंभीर है।
ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, एसडीएम मवाना संतोष कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।