प्रदर्शन के दौरान मुख्य द्वार बंद होने पर कांग्रेसी नेत्री रीना शर्मा गेट पर चढ़कर किया रोष प्रकट
मेरठ। भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट के विरोध में सोमवार, 28 सितंबर 2026 को मेरठ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। महानगर एवं जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में सैकड़ों कार्यकर्ता कमिश्नरी स्थित चौधरी चरण सिंह पार्क में एकत्र हुए। यहां से कार्यकर्ता जिला अधिकारी कार्यालय की ओर मार्च करते हुए पहुंचे। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष गौरव भाटी और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने किया। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में जवाबदेही की मांग उठाई।
14 आपत्तियों का मुद्दा उठाकर कांग्रेस ने मांगा जवाब
कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान द इंडियन एक्सप्रेस की 25 सितंबर की रिपोर्ट का हवाला दिया। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा चुनावी डेटा और आईटी व्यवस्था से जुड़े विषयों पर आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, निर्वाचन आयोग की ओर से इन रिपोर्टों के बाद स्पष्टीकरण दिया गया कि एसआईआर समेत आयोग के सभी निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे। आयोग ने रिपोर्ट में बताए गए मतभेदों को लेकर अलग-अलग टिप्पणियों को आंतरिक विचार-विमर्श और निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
गौरव भाटी बोले- मतदाता के अधिकार की सुरक्षा जरूरी
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष गौरव भाटी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का वोट सर्वोच्च है और मतदाता के वोट की सुरक्षा करना निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक मतदाता के अधिकार से जुड़ा है।

गौरव भाटी ने कहा कि यदि निर्वाचन आयोग के दो सदस्यों की ओर से महत्वपूर्ण फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर औपचारिक आपत्तियां दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आती है तो इन आपत्तियों का तथ्यात्मक और बिंदुवार जवाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।
रंजन शर्मा ने चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का प्रदर्शन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है और मतदाता सूची, वोटर डेटा तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिन आपत्तियों का रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है, उन पर क्या कार्रवाई हुई और मतदाता सूची एवं चुनावी डेटा की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का संचालन किस प्रकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों पर जवाबदेही की मांग करती रहेगी।
बारिश के बीच जुटे कार्यकर्ता, लगाए नारे
सोमवार सुबह से ही बारिश के बीच बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता चौधरी चरण सिंह पार्क पहुंचने लगे थे। प्रशासन की ओर से पार्क और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता बनाए रखने और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग की।
पुलिस से नोकझोंक के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कई बार नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। इसके बाद कार्यकर्ता चौधरी चरण सिंह पार्क से कमिश्नरी कार्यालय के सामने से होते हुए जिला अधिकारी कार्यालय की ओर बढ़े।
कांग्रेस के अनुसार, कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद किए जाने के बाद कार्यकर्ता गेट के सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पदाधिकारियों की नोकझोंक हुई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेत्री रीना शर्मा मुख्य द्वार के ऊपर से दूसरी ओर पहुंच गईं। इसके बाद गेट खोला गया और कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर जिला अधिकारी कार्यालय की ओर पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
मतदाता सूची और डेटा सुरक्षा पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने चुनावी डेटा की सुरक्षा और आईटी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों की ओर से फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता डेटा के केंद्रीकरण और चुनावी आईटी व्यवस्था से संबंधित आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
कांग्रेस ने कहा- वोट नागरिक का संवैधानिक अधिकार
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वोट किसी सरकार, राजनीतिक दल या नेता की संपत्ति नहीं है, बल्कि भारत के नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसलिए मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित किसी भी शिकायत का पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से मतदाता अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में कांग्रेस प्रवक्ता हरिकिशन वर्मा, आदित्य प्रकाश शर्मा, मनिंदर सूद वाल्मीकि, नसीम कुरैशी, शबी खान, हेमंत प्रधान, सलीमुद्दीन शाह, जगदीश शर्मा, डॉ. जफरुल्लाह, मनजीत सिंह कोचड़, महेंद्र गुर्जर, अनिल अरोड़ा, रिहानुद्दीन, पीयूष रस्तोगी, संजय कटारिया, रॉबिन नाथ गोलू, रविंद्र सिंह, राहुल जलोदिया, मुर्सलिम अहमद, मोहम्मद इरशाद पहलवान, केडी शर्मा, अनिल प्रमुख, अवधेश बिहारी सक्सेना, सरताज त्यागी, अरुण त्यागी, फिरोज रिजवी, किरण बाला, संजीदा खान, रीना शर्मा, बबली देवी, सुनीता मंडल, मासूम असगर, अवनीश पवार, जवाहर सिंह, सोनू प्रजापति, संदीप शर्मा, पंकज चौधरी, कुलदीप शर्मा, पवन शर्मा, मोहम्मद कामिल, हरिकिशन प्रजापति, मुकेश वर्मा, सुनील मालिया, पीटर हैरिसन, सुशीला कोहली, अमित गोयल, योगी जाटव, सुरेंद्र यादव, कपिल शर्मा और अरविंद तालियां सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।