महापंचायत को लेकर शहरी ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क एवं सभाओं का अभियान
मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) मेरठ के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के आह्वान पर आगामी एक सितम्बर को कमिश्नरी घेराव एवं किसान-मजदूर महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। भाकियू ने महापंचायत को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। संगठन का दावा है कि महापंचायत में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 5 हजार ट्रैक्टर किसानों के साथ पहुंचेंगे।
महापंचायत को लेकर भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बुधवार को नगर निगम की सीमा में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों से संपर्क किया और विभिन्न स्थानों पर किसान बैठकें आयोजित कर स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान जाटोली, नंगलाताशी, दयामपुर, डाबका, रजपुरा और सरूरपुर क्षेत्रों में किसानों के साथ बैठक कर एक सितम्बर की महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई।
नगर निगम सीमा में शामिल गांवों की समस्याओं पर हुई चर्चा
किसान बैठकों के दौरान नगर निगम की सीमा में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। किसानों का कहना है कि नगर निगम सीमा में शामिल होने के बावजूद कई गांवों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। जलभराव, सफाई व्यवस्था, नालों की सफाई न होना, विकास कार्यों में उपेक्षा तथा हाउस टैक्स से जुड़ी समस्याएं ग्रामीणों के सामने प्रमुख रूप से बनी हुई हैं।
भाकियू नेताओं के अनुसार कई ग्रामीण क्षेत्रों में हाउस टैक्स अधिक भेजे जाने तथा साल में दो बार हाउस टैक्स वसूले जाने को लेकर भी किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में डीएफसीसी रेलवे के पुलों के नीचे जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित होने की समस्या भी बैठक में उठाई गई।
खाद वितरण और ब्याज वसूली में अनियमितता का आरोप
किसान बैठकों में किसानों ने खाद की उपलब्धता और वितरण को लेकर भी अपनी समस्याएं बताईं। भाकियू का आरोप है कि कुछ समितियों पर खाद वितरण में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं। किसानों ने खाद की उपलब्धता, ब्याज वसूली तथा कृषि संबंधी अन्य व्यवस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित किए जाने की मांग की।
भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से कृषि कार्य प्रभावित होता है। किसानों की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाना आवश्यक है।
बिजली और गन्ना भुगतान की समस्याएं भी बनीं मुद्दा
बैठकों में किसानों ने बिजली विभाग से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। किसानों के अनुसार घरेलू बिजली कनेक्शन, स्वीकृत लोड बढ़ाए जाने, गलत बिजली बिल भेजे जाने तथा पेनल्टी लगाए जाने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं।
इसके साथ ही गन्ना भुगतान में देरी को लेकर भी किसानों ने नाराजगी जताई। किसानों ने गन्ने का समय पर भुगतान किए जाने तथा चीनी के मूल्य में वृद्धि की स्थिति में किसानों को बोनस दिए जाने की मांग रखी।
अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने किसान बैठकों के दौरान कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन लगातार अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखता रहा है। उनका आरोप है कि जिले स्तर पर किसानों की समस्याओं के निस्तारण की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार सरकारी अधिकारियों के फोन उपलब्ध नहीं होते तथा किसानों के साथ कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी शिकायतें मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो भाकियू एक सितम्बर की किसान-मजदूर महापंचायत के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपना सकती है।
तिरंगा लगाकर ट्रैक्टरों के साथ पहुंचेंगे किसान
भाकियू की ओर से महापंचायत में आने वाले किसानों के लिए लंगर और भंडारे की व्यवस्था किए जाने की बात भी कही गई है। संगठन के अनुसार किसान अपने ट्रैक्टरों पर तिरंगा लगाकर तिरंगा ट्रैक्टर मार्च करते हुए कमिश्नरी की ओर पहुंचेंगे।
अनुराग चौधरी ने किसानों से अपील की कि वे एकजुट होकर एक सितम्बर को होने वाली किसान-मजदूर महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों और अपनी समस्याओं की आवाज मजबूती से उठाएं।
इन मुद्दों को लेकर लामबंदी
भाकियू के अनुसार महापंचायत में मुख्य रूप से जलभराव, सफाई व्यवस्था, नालों की सफाई, हाउस टैक्स, डीएफसीसी पुलों के नीचे जलभराव, खाद वितरण, ब्याज वसूली, बिजली कनेक्शन एवं बिल, गन्ना भुगतान, सिंचाई तथा किसानों की अन्य समस्याओं को उठाया जाएगा।
बैठक के दौरान संगठन ने किसानों से कहा कि स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक रूप से आवाज उठाना जरूरी है। भाकियू ने दावा किया कि एक सितम्बर की महापंचायत में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान और ट्रैक्टर पहुंचेंगे।
किसान बैठकों में ये रहे मौजूद
किसान संपर्क एवं बैठकों के दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के साथ वीरपाल सुरानी, हर्ष चहल, बबलू प्रधान, वीरेंद्र, कृष्णपाल, ऋषिपाल, विनोद, हरेंद्र, विनय सहित अन्य किसान एवं संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाकियू ने एक सितम्बर की महापंचायत को किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाने का मंच बताते हुए जिलेभर के किसानों से इसमें भाग लेने का आह्वान किया है।