वंश कुशवाहा मौत प्रकरण में कोशिश क्रांति दल के प्रतिनिधि मंडल ने राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन से मुलाकात की
मेरठ। वंश कुशवाहा की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर शोषित क्रांति दल ने न्याय की मांग तेज कर दी है। सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार के साथ नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग (NCBC) के कार्यालय पहुंचा, जहां आयोग की अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की जानकारी दी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग की अध्यक्ष को बताया कि मेरठ निवासी कक्षा 9 के छात्र वंश कुशवाहा की 28 मई 2026 को कथित रूप से उसके चार साथियों द्वारा पानी में डुबोकर हत्या कर दी गई थी। परिवार का आरोप है कि घटना के एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है, जिससे पीड़ित परिवार न्याय के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है।
शोषित क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत ने आयोग के समक्ष आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा मामले में अपेक्षित कार्रवाई न किए जाने से पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आयोग से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने सचिव को निर्देश दिए कि इस प्रकरण में मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को विस्तृत आख्या सहित तलब किया जाए, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को पीड़ित परिवार ने शोषित क्रांति दल के कार्यकर्ताओं के साथ मेरठ के कमिश्नरी पार्क में लगभग पांच घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि लगातार शिकायतों के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। धरने के बाद भी कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार ने राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग का दरवाजा खटखटाया।
प्रतिनिधिमंडल में मेरठ महानगर अध्यक्ष वरुण कुमार, एडवोकेट दिनेश कुमार, अक्षित शर्मा, आदेश गगोल, रोहित यादव, राहुल एडवोकेट सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पीड़ित परिवार ने राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग से निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। अब इस मामले में आयोग द्वारा एसएसपी मेरठ से मांगी गई रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।