सीसीएस कैंपस में हंगामा करते युवकों का समूह
कार्यक्रम के बाद कैंपस की सड़क पर युवकों के बीच लात-घूंसे और गाली-गलौज का वीडियो वायरल, शराब के नशे में होने की चर्चा; पुलिस ने मारपीट की घटना से किया इनकार
मेरठ । चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) कैंपस में सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान युवकों के बीच विवाद का मामला सामने आया। बताया जा रहा है कि सुभाष चंद्र बोस ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि कार्यक्रम स्थल से बाहर आने के बाद युवकों के बीच विश्वविद्यालय परिसर की सड़क पर मारपीट और गाली-गलौज हुई। घटना से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ऑडिटोरियम से बाहर तक पहुंचा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में शामिल कुछ युवकों के बीच पहले विवाद हुआ। इसके बाद मामला परिसर के बाहर खुले स्थान तक पहुंच गया। वायरल वीडियो में कुछ युवक आपस में धक्का-मुक्की और मारपीट करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान गाली-गलौज होने की बात भी सामने आई है। घटना की वजह से वहां मौजूद छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बनने की बात कही जा रही है। हालांकि, युवकों के शराब के नशे में होने की चर्चा भी सामने आई है, लेकिन इसकी स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस दावे को फिलहाल केवल चर्चा के रूप में ही देखा जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मौके पर विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्ड मौजूद थे, लेकिन विवाद कर रहे युवकों को नियंत्रित करने में वे प्रभावी भूमिका नहीं निभा सके। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बड़े कार्यक्रम के दौरान कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था किस स्तर की थी और विवाद की स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप के लिए क्या व्यवस्था की गई थी।
विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान में बाहरी लोगों की आवाजाही और कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन से स्पष्ट जानकारी सामने आने की जरूरत महसूस की जा रही है। खासकर तब, जब किसी कार्यक्रम के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो और मामला परिसर की सड़क तक पहुंच जाए।
पुलिस की मौजूदगी को लेकर भी चर्चा
घटना को लेकर मेडिकल थाना पुलिस की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए गए हैं। सवाल यह है कि विश्वविद्यालय कैंपस में कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती किस स्तर पर थी और विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस कितनी जल्दी मौके पर पहुंची। हालांकि, इंस्पेक्टर मेडिकल हरिओम ने कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी की बात कही है। उन्होंने कैंपस में किसी भी लड़ाई-झगड़े की घटना से इनकार किया है। पुलिस के इस बयान के बाद वायरल वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति और पुलिस के बयान के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। पूरे मामले में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
छात्र नेता अक्षय बैसला ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर उठाए सवाल
मामले को लेकर छात्र नेता अक्षय बैसला ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कुलपति और विश्वविद्यालय के अभियंता मनीष मिश्रा की कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की। अक्षय बैसला का आरोप है कि विश्वविद्यालय को शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाए रखने के बजाय ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति दी जा रही है, जिनसे कैंपस का माहौल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि कैंपस की सड़कों पर युवकों के बीच मारपीट और गाली-गलौज जैसी स्थिति सामने आना चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि विश्वविद्यालय परिसर को शिक्षा और शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र बनाए रखने के बजाय उसे अन्य आयोजनों के लिए इस्तेमाल करने की दिशा में क्यों ले जाया जा रहा है।
बाहरी युवकों के प्रवेश को लेकर भी सवाल
घटना के बाद एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि कार्यक्रम में बाहरी युवक शामिल थे, तो उनके प्रवेश और पहचान को लेकर विश्वविद्यालय की क्या व्यवस्था थी। बड़े आयोजनों में प्रवेश करने वाले लोगों की निगरानी, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और किसी विवाद की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए स्पष्ट व्यवस्था होना जरूरी माना जाता है। वायरल वीडियो के आधार पर उठ रहे सवालों के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से घटना, कार्यक्रम में शामिल लोगों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।
निष्पक्ष जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल सामने आए वीडियो और अलग-अलग पक्षों के बयानों के कारण मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ वीडियो में युवकों के बीच विवाद और मारपीट दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, वहीं मेडिकल थाना प्रभारी ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, उसमें कौन लोग शामिल थे और पुलिस तथा विश्वविद्यालय की सुरक्षा टीम की उस समय क्या भूमिका थी। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस की ओर से यदि मामले की जांच की जाती है तो कार्यक्रम में शामिल लोगों की पहचान, कैंपस में उनके प्रवेश और विवाद की पूरी परिस्थितियों की जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर उठे सवालों ने CCSU की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रमों के दौरान निगरानी व्यवस्था को चर्चा में ला दिया है।