कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद रविता को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस
538 दिन बाद आया कोर्ट का फैसला; अभियोजन के मुताबिक गला घोंटकर हत्या के बाद शव के पास छोड़ा गया था सांप, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुली थी वारदात की परत
मेरठ । बहुचर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को दोषी करार दिया है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों को अमित कश्यप की हत्या का दोषी माना। अब अदालत 16 अक्टूबर 2026 को दोनों की सजा का ऐलान करेगी। घटना के करीब 538 दिन बाद आए इस फैसले से मामले में महत्वपूर्ण न्यायिक पड़ाव पूरा हुआ है। मामले की सुनवाई के दौरान 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। बताया गया है कि विभिन्न तारीखों पर चली सुनवाई और अभियोजन की ओर से पेश साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया। रविता फिलहाल मेरठ जेल में बंद है, जबकि अमरदीप जमानत पर बाहर बताया गया है। बुधवार को रविता चेहरा ढककर अदालत पहुंची। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने उससे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
17 अप्रैल 2025 की रात हुई थी अमित कश्यप की हत्या
मामला मेरठ-पौड़ी हाईवे से करीब चार किलोमीटर अंदर स्थित अकबरपुर सादात गांव का है। यहां रहने वाला अमित कश्यप टाइल्स-पत्थर लगाने का काम करता था। अमरदीप भी अमित के साथ काम करता था और इसी कारण उसका अमित के घर आना-जाना था। पुलिस जांच के अनुसार इसी दौरान अमरदीप और अमित की पत्नी रविता के बीच नजदीकियां बढ़ीं। पुलिस का आरोप था कि जब अमित को दोनों के संबंधों की जानकारी हुई तो रविता और अमरदीप ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। अभियोजन पक्ष के अनुसार 17 अप्रैल 2025 की रात अमित के सो जाने के बाद रविता ने अमरदीप को घर बुलाया। इसके बाद दोनों ने मिलकर अमित की गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात को सांप के डसने से हुई स्वाभाविक मौत का रूप देने के लिए अमित के बिस्तर पर सांप छोड़ा गया था।
सांप के डसने से मौत समझ रहे थे परिजन
सुबह परिवार के लोगों ने अमित को मृत अवस्था में देखा। उसके शरीर पर सांप के काटने जैसे निशान मिलने के कारण शुरुआत में परिवार को लगा कि उसकी मौत सर्पदंश से हुई है। एक सपेरे को बुलाकर वहां मौजूद सांप को पकड़वाया गया। अमित को चिकित्सक के पास भी ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। मामले में बड़ा मोड़ पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद आया। करीब पांच दिन बाद आई रिपोर्ट में अमित की मौत का कारण सर्पदंश के बजाय दम घुटना बताया गया। इसके बाद पुलिस का संदेह गहराया और मामले की जांच हत्या की दिशा में आगे बढ़ी।

पूछताछ के बाद पुलिस ने खोली थी वारदात की परतें
पुलिस ने शक के आधार पर रविता से पूछताछ की और जांच का दायरा बढ़ाते हुए अमरदीप तक पहुंची। पुलिस जांच में दोनों की भूमिका सामने आने का दावा किया गया। जांच के दौरान सांप को लेकर भी कई तथ्य सामने आए थे। पुलिस के मुताबिक वारदात को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि सांप को कथित तौर पर मवाना क्षेत्र से एक हजार रुपये में खरीदा गया था। जांच एजेंसियों ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों को मुकदमे का हिस्सा बनाया।
गिरफ्तारी के समय रविता ने पति पर लगाए थे गंभीर आरोप
जेल भेजे जाने के दौरान रविता ने मीडिया के सामने अपने पति अमित पर मारपीट और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। उसने हत्या में अपनी और अमरदीप की भूमिका को लेकर भी बयान दिया था। हालांकि रविता की ओर से पति पर लगाए गए ये आरोप उसके तत्कालीन दावे थे। वहीं अमरदीप ने गिरफ्तारी के समय दावा किया था कि उसका अमित से रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। उसने यह भी आरोप लगाया था कि अमित ने उसे नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ लोगों को उसके पीछे लगाया था। अमरदीप ने उस समय घटना वाली रात रविता के बुलाने पर उसके घर जाने की बात भी कही थी।
अब 16 अक्टूबर को सजा पर अदालत का फैसला
अप्रैल 2025 में हुई अमित कश्यप की मौत शुरुआत में सर्पदंश का मामला मानी जा रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उसके बाद हुई पुलिस जांच ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। हत्या के करीब 538 दिन बाद अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया है। अब इस मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 16 अक्टूबर 2026 है, जब अदालत दोनों दोषियों की सजा पर फैसला सुनाएगी। अदालत के फैसले के बाद यह स्पष्ट होगा कि अमित कश्यप की हत्या के मामले में रविता और अमरदीप को कितनी सजा दी जाती है।