पीड़ित महिला
माधवपुरम निवासी महिला ने पति और उसके परिचितों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई
मेरठ । माधवपुरम क्षेत्र निवासी एक महिला ने अपने पति और उसके परिचितों पर गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ को शिकायती प्रार्थना-पत्र देकर कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। महिला का आरोप है कि करीब आठ वर्ष पहले उसे कथित रूप से दबाव में लेकर धर्म परिवर्तन कराया गया और इसके बाद निकाह किया गया। महिला ने पति पर मारपीट, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने, धमकी देने तथा अन्य लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए दबाव डालने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। महिला द्वारा दिए गए प्रार्थना-पत्र के अनुसार वह अनुसूचित जाति जाटव समाज से संबंधित है और माधवपुरम क्षेत्र में रहती है। शिकायत में महिला ने अपने पति जाकिर सैफी पर आरोप लगाया है कि करीब आठ वर्ष पहले उसने उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। महिला का दावा है कि इस दौरान उसकी आपत्तिजनक वीडियो भी बनाई गई थी।
वीडियो वायरल करने का दबाव बनाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक महिला ने उक्त वीडियो को डिलीट करने के लिए कहा, जिस पर कथित तौर पर उसे वीडियो हटाने का भरोसा दिया गया। महिला का आरोप है कि वीडियो डिलीट करने के बजाय उसे वायरल करने का दबाव बनाया गया और इसी के माध्यम से कथित रूप से उस पर धर्म परिवर्तन तथा निकाह के लिए दबाव बनाया गया। महिला ने अपने प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया है कि 30 अप्रैल 2018 को उसका कथित रूप से जबरन धर्म परिवर्तन कराकर मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार जाकिर सैफी से निकाह कराया गया। इसके बाद से उसके साथ लगातार मारपीट और अभद्र व्यवहार किया जाता रहा।
जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप
महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उसका पति उसके साथ आए दिन गाली-गलौज और मारपीट करता था तथा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उसे अपमानित करता था। इसके अलावा महिला ने आरोप लगाया कि उस पर अन्य लोगों के साथ अवैध संबंध बनाने और देह व्यापार के माध्यम से धन अर्जित करने के लिए भी दबाव बनाया गया। शिकायत के अनुसार, महिला द्वारा कथित रूप से इनकार किए जाने पर उसके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का सिलसिला जारी रहा। महिला ने पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर आरोपों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बिना जानकारी के न्यायालय से एकतरफा निर्णय कराने का आरोप
महिला ने अपने प्रार्थना-पत्र में एक पारिवारिक न्यायालय में चलाए गए मामले का भी उल्लेख किया है। उसके अनुसार, उसे बाद में जानकारी हुई कि जाकिर सैफी द्वारा वाद संख्या 1090/2021 के माध्यम से परिवार न्यायालय, मेरठ में मामला दायर किया गया था। महिला का आरोप है कि इस मामले में उसे समन या नोटिस की जानकारी नहीं हो सकी और उसकी जानकारी के बिना एकतरफा निर्णय दिनांक 9 जनवरी 2023 के आधार पर दोनों के निकाह को शून्य घोषित कराया गया। महिला का कहना है कि उसे इस न्यायिक कार्रवाई की जानकारी बाद में हुई।

शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी का आरोप
महिला के अनुसार, जब उसने इस संबंध में जाकिर सैफी से बातचीत की और बिना जानकारी के तलाक/न्यायिक कार्रवाई किए जाने को लेकर सवाल किया, तो कथित रूप से उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि उसे धमकी दी गई कि यदि उसने पति के खिलाफ कोई शिकायत की तो उसे जान से मार दिया जाएगा। महिला का दावा है कि उसने पूर्व में भी संबंधित थाना पुलिस और अन्य अधिकारियों के समक्ष शिकायतें दी थीं, लेकिन उसके अनुसार अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से आरोपी पक्ष के हौसले बढ़ गए।
पति के परिचित पर घर में घुसकर अश्लील हरकत करने का आरोप
शिकायत में महिला ने जाकिर सैफी के परिचित बताए जा रहे शहजाद पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला के अनुसार, शहजाद कथित रूप से उसके घर में जबरन घुस आया और उसके साथ गाली-गलौज करते हुए अश्लील हरकतें करने लगा। महिला का आरोप है कि शहजाद ने उसके साथ जबरन संबंध बनाने का प्रयास किया। अपनी सुरक्षा और सम्मान बचाने के लिए उसने तत्काल डायल-112 पर सूचना दी। शिकायत के मुताबिक पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद शहजाद वहां से चला गया और कथित रूप से भविष्य में मौका मिलने पर गंभीर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
अज्ञात लोगों द्वारा पीछा करने का भी आरोप
महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि जाकिर सैफी, उसका परिचित शहजाद तथा कुछ अज्ञात लोग लगातार उसका पीछा कर रहे हैं। इसके चलते उसे अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका बनी हुई है। महिला ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
एसएसपी से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग
महिला ने 27 अगस्त 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ को प्रार्थना-पत्र देकर थाना ब्रह्मपुरी पुलिस को उसकी शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश देने की मांग की है। शिकायत में लगाए गए सभी आरोप महिला के कथन पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समय नहीं हुई है। मामले में पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।