जिला अस्पताल मेर
मेरठ। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को मेरठ के जिला महिला चिकित्सालय में “सुरक्षित गर्भावस्था, स्वस्थ मां एवं सशक्त भारत” थीम के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूक करना, नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व को समझाना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने का संदेश देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राम प्रसाद, जिला महिला चिकित्सालय की वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक (एसआईसी) डॉ. मीनाक्षी सिंह तथा अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. पूजा शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं, स्वास्थ्य कर्मी तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच कराने की अपील
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), शहरी स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क जांच, उपचार एवं परामर्श की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं, चिकित्सकों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें तथा गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार और नियमित देखभाल को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि नियमित जांच से गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं की समय रहते पहचान कर उनका उपचार संभव हो पाता है।
अभियान की उपलब्धियों और गतिविधियों की दी जानकारी
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पूजा शर्मा ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जनपद में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से प्रत्येक माह गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की जाती है तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) की पहचान कर उन्हें बेहतर चिकित्सीय सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
वहीं जिला महिला चिकित्सालय की एसआईसी डॉ. मीनाक्षी सिंह ने अस्पताल द्वारा मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से महिलाओं और नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
विशेष जांच शिविर में हुई स्वास्थ्य जांच
कार्यक्रम के अंतर्गत जिला महिला चिकित्सालय में विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विशेष रूप से प्रथम तिमाही की गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। चिकित्सकों ने महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया और गर्भावस्था के शुरुआती चरण में होने वाले संभावित जोखिमों के बारे में जानकारी प्रदान की।
इसके साथ ही महिलाओं को फोलिक एसिड की गोलियां वितरित की गईं, जिससे गर्भस्थ शिशु के समुचित विकास और जन्मजात विकृतियों की रोकथाम में सहायता मिल सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में फोलिक एसिड का सेवन मां और बच्चे दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।
संतुलित पोषण के प्रति किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान सीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने गर्भवती महिलाओं को फल वितरित किए और उन्हें संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ गर्भावस्था के लिए उचित पोषण अत्यंत आवश्यक है और गर्भवती महिलाओं को हरी सब्जियां, फल, दूध, दालें तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन करना चाहिए।
अस्पताल की व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
कार्यक्रम के उपरांत सीएमओ ने जिला महिला चिकित्सालय की विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU), मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट (MNCU), लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर और पैथोलॉजी लैब का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने तथा मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।