सीरियन महिला फ़नादी
मेरठ। जनपद मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र में लोगों से आर्थिक सहायता और चंदा मांगते हुए मिली सीरिया की एक महिला को पुलिस एवं खुफिया एजेंसियों द्वारा पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। प्रारंभिक जांच और दस्तावेजों के सत्यापन में कोई आपत्तिजनक तथ्य सामने न आने पर महिला को जाने की अनुमति दे दी गई।
बताया गया कि शुक्रवार को नौचंदी क्षेत्र में एक विदेशी महिला हाथ में अंग्रेजी में लिखा बोर्ड लेकर लोगों से आर्थिक सहायता मांगती हुई दिखाई दी थी। बोर्ड पर उल्लेख था कि वह सीरिया की रहने वाली है और अपने पति के इलाज के लिए आर्थिक मदद की जरूरत है। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को पूछताछ के लिए थाने ले गई।
महिला ने पूछताछ के दौरान अपना नाम फनादी बताया और कहा कि वह अपने पति के उपचार के लिए भारत आई है। उसके अनुसार उसके पति दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उनके इलाज पर काफी खर्च आ रहा है। इसी कारण वह लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील कर रही थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के साथ-साथ खुफिया विभाग की टीमों ने भी महिला से विस्तृत पूछताछ की। इस दौरान उसके पास मौजूद पासपोर्ट, वीजा और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। अधिकारियों ने भारत आने के उद्देश्य, यात्रा विवरण और यहां रहने की परिस्थितियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान महिला के दस्तावेज वैध पाए गए और कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई। इसके बाद आवश्यक पूछताछ और सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर उसे छोड़ दिया गया। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने उससे भविष्य में किसी भी प्रकार की गतिविधि के संबंध में निर्धारित नियमों का पालन करने की सलाह दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों में सुरक्षा और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक जांच की जाती है। इस मामले में भी सभी पहलुओं की जांच के बाद ही निर्णय लिया गया।
घटना के बाद क्षेत्र में दिनभर चर्चा का माहौल रहा। लोगों के बीच विदेशी महिला के अचानक सहायता मांगने को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं होती रहीं। वहीं पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपरिचित व्यक्ति के संबंध में जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
पुलिस अधीक्षक नगर विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि महिला से पूछताछ और दस्तावेजों का सत्यापन किया गया था। जांच में कोई आपत्तिजनक तथ्य सामने नहीं आया, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया।