कलानिधि नैथानी (डीआईजी मेरठ परिक्षेत्र)
मेरठ। गणेश चतुर्थी और अनंत चतुर्दशी के पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र में व्यापक पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मेरठ रेंज के मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जनपदों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 2500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पर्व के दौरान पूजा पंडालों, शोभायात्राओं, संवेदनशील स्थानों और प्रतिमा विसर्जन घाटों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
2500 पुलिसकर्मियों की लगाई गई ड्यूटी
मेरठ परिक्षेत्र कार्यालय की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था के लिए 7 अपर पुलिस अधीक्षक, 25 क्षेत्राधिकारी, 71 निरीक्षक, 460 उपनिरीक्षक, 645 मुख्य आरक्षी, 880 आरक्षी, 375 होमगार्ड/पीआरडी जवान तथा एक कंपनी पीएसी को ड्यूटी में लगाया गया है। पुलिस बल को अलग-अलग आयोजन स्थलों, शोभायात्रा मार्गों, संवेदनशील स्थानों और विसर्जन घाटों पर तैनात किया जाएगा।
168 स्थानों पर स्थापित होंगी 164 गणेश प्रतिमाएं
मेरठ परिक्षेत्र में कुल 168 स्थानों पर 164 गणेश प्रतिमाएं स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। इनमें मेरठ जनपद में 80 स्थानों पर 49, बुलंदशहर में 18 स्थानों पर 44, बागपत में 58 स्थानों पर 58 और हापुड़ में 12 स्थानों पर 13 प्रतिमाएं स्थापित की जानी हैं।
गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में पूजा पंडालों और मंदिरों में आवाजाही को देखते हुए पुलिस ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
197 शोभायात्राओं के लिए विशेष पुलिस प्रबंध
पर्व के दौरान मेरठ परिक्षेत्र में कुल 197 शोभायात्राएं प्रस्तावित हैं। इनमें मेरठ में 63, बुलंदशहर में 51, बागपत में 68 और हापुड़ में 15 शोभायात्राएं शामिल हैं। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को शोभायात्राओं के मार्गों का पहले से निरीक्षण करने तथा रास्ते में आने वाले अतिक्रमण, विद्युत तार, अवरोध और यातायात संबंधी समस्याओं का समय रहते समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं।
85 संवेदनशील स्थान चिन्हित
शोभायात्राओं के मार्ग में कुल 85 संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं। इनमें मेरठ में 38, बुलंदशहर में 42, बागपत में एक और हापुड़ में चार संवेदनशील स्थान शामिल हैं। इन स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा परिक्षेत्र में 117 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनके सापेक्ष 24 जोन, 81 सेक्टर और 52 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) बनाई गई हैं।
34 घाटों पर होगा प्रतिमा विसर्जन
मेरठ रेंज के चारों जनपदों में कुल 34 घाटों को प्रतिमा विसर्जन के लिए चिन्हित किया गया है। मेरठ में सात, बुलंदशहर में 13, बागपत में 10 और हापुड़ में चार घाटों पर विसर्जन की व्यवस्था की गई है।
कुल 164 प्रतिमाओं में से 125 प्रतिमाओं का विसर्जन संबंधित जनपदों के भीतर और 39 प्रतिमाओं का विसर्जन जनपद के बाहर किए जाने की जानकारी दी गई है।
विसर्जन घाटों पर बैरिकेडिंग और जल सुरक्षा
पुलिस अधिकारियों को विसर्जन घाटों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड, लाइफ जैकेट, रस्से और अन्य जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। गहरे पानी वाले स्थानों पर लोगों के प्रवेश को रोकने तथा रात्रि के समय विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
गोताखोरों, जल पुलिस, बाढ़ राहत पीएसी और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर घाटों पर पर्याप्त जल सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी
आयोजन स्थलों, प्रमुख चौराहों, संवेदनशील स्थानों और विसर्जन घाटों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता के अनुसार ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। सीसीटीवी और ड्रोन से मिलने वाली महत्वपूर्ण सूचनाओं पर तत्काल प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
यातायात व्यवस्था के लिए डायवर्जन प्लान
शोभायात्राओं और प्रतिमा विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार डायवर्जन प्लान लागू किया जाएगा। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग खुले रखे जाएं।
आयोजकों और धर्मगुरुओं के साथ बैठकें
प्रेस नोट के अनुसार मेरठ परिक्षेत्र के सभी जनपदों में पीस कमेटी, धर्मगुरुओं, शांति समितियों और संभ्रांत व्यक्तियों के साथ 115 बैठकें की जा चुकी हैं। नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के साथ 105 बैठकें तथा आयोजनकर्ताओं और संचालकों के साथ 98 गोष्ठियां आयोजित की गई हैं।
पुलिस ने आयोजकों से लगातार समन्वय बनाए रखने और उनकी जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं।
नई परंपरा की अनुमति नहीं
डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की नई या गैर-परंपरागत परंपरा को अनुमति न दी जाए। शोभायात्राएं और अन्य कार्यक्रम निर्धारित पारंपरिक मार्ग एवं तय कार्यक्रम के अनुसार ही संपन्न कराए जाएं।
महिला एवं बाल सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती तथा महिलाओं और बच्चों से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी
त्योहार के दौरान सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों पर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को भ्रामक, आपत्तिजनक या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट और वीडियो का तत्काल सत्यापन कराने तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया है। पुराने वीडियो या फोटो को वर्तमान घटना बताकर प्रसारित किए जाने की स्थिति में फैक्ट चेक कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व संपन्न कराने के निर्देश
डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने कहा कि गणेश चतुर्थी और अनंत चतुर्दशी के अवसर पर धार्मिक आस्था एवं परंपराओं का सम्मान रखते हुए पर्याप्त पुलिस प्रबंध, प्रभावी निगरानी और त्वरित रिस्पॉन्स की व्यवस्था की जाए। उनका जोर पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने पर है।
इस वर्ष जारी कार्यक्रम के अनुसार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर और अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को मनाई जाएगी। पर्व को देखते हुए मेरठ परिक्षेत्र के सभी जनपदों में पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।